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मंगलवार, 19 अक्तूबर 2010

"झा जी वक्रदृष्टि टाइम्स " ..बाह बाह ...का अखबार निकाले हैं ..गजबे बुलेटिन है यार ..






खबर :- साढ़े पांच करोड़ लेने के बाद रहमान ने मांगी माफी


नज़र:-हैं साढे पांच करोड लेने के बाद मांगी माफ़ी रहमान जी ..काहे हो अच्छा अच्छा ,,इंडिया बुला लिया ..थीम सांग के लिए न ..हें हें हें ..एकदमे ठीक किए जी ...आपको ही काहे ..इंडिया बुलाने वाले हर शख्स को माफ़ी मांगनी ही चाहिए ...लेकिन एक बात सुनिए हो ...ई एतना ढेर कमा धमा लिए ..एकदम से साढे पांच करोडे लपेट लिए हैं ..आउर तब कहते हैं कि ..ई स्तरीय नहीं था , सुनिए न ..हम भी एक ठो कीर्तन भजन लिखे हैं .....अरे आगामी ओलंपिक के लिए जी । का ! का कह रहे हैं ...ओलंपिक के लिए गनवा लिखने से का होगा जबकि अभी ओलंपिक का कौनो निश्चित नहीं है ..लो कमाले करते हैं आप अरे ई कलमाडी मामा का बैंक बैलेंस देख के तो पता नहीं केतना मंत्री बौराया हुआ है ...नहीं न मानेगा ..बिना ओलंपिक कराए ..अरे जान रहे हैं आप कहिएगा कि ..नहीं हमसे नहीं होगा ...लो तो का हुआ ..बाद में हमहुं माफ़ी मांग लेंगे ....ससुरा एतना हाइली पेड माफ़ी के लिए ..इंडियन आयडल से भी तगडा कंपटीसन हो सकता है ..अरे करा लीजीए महाराज
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खबर :- अपने विभागों के भ्रष्टाचार पर ध्यान दें शीलाः कलमाड़ी

नज़र:-एकदम ठीक कह रहे हैं मामा ...ई मौसी को सब जगह टांग घुसेडने का आदत हो गया है .,..अरे सबको अपना अपना विभाग दिया गया है जब भ्रष्टाचार करने के लिए तो ..अपने अपने विभाग को खुदे एक्सप्लोर करिए न जी ..अरे बहुत स्कोप है सब जगह मर्दे ...एक से एक कमाल कमाल का आइडिया है ..और फ़िर ध्यान जब खाली भ्रष्टाचार पर ही देना है ...अरे रोकने पर नहीं जी ..दुर महाराज ..ई काम आजकल ई देश में कौनो कर रहा है का ..तो फ़िर मौसी को मामा ठीके न डांटें हैं ...भाई आप को तो मुखमंत्री बना दिया गया है ..माने पूरा दिल्ली का मलकईन ..ऊपर से ..बडकी मौसी पूरा देश का संचालक अध्यक्ष हैं ....तो फ़िर ई में झगडा करने का कौन बात है जी ..अरे पब्लिकवा कोई कह थोडे रहा है कुछ आप लोग के ..आयं

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खबर :- अब नौकरी की तलाश में जुटा 'शेरा'..

नज़र:- बताओ एतना जल्दी ..शेरा बना हुआ सतीश बिडला जी ..अपना लिए नयका नौकरी ढूंढ रहे हैं ..हां त का करें ..ढूंढना ही पडेगा ...अब तो थोडका दिन के बाद ..जौन खिलाडी सब ..सोना चांदी पीतल लोहा का तमगा जीता है ..ऊ सब भी कौनो न कौनो काम ढूंडबे करेगा न .....अरे ई देश का इहे परंपरा है महाराज ..आऊर चाहे जो भी हो जाए ई देश ..अपना परंपरा को जरूरे निभाता है एकदम से ठोक के । तो शेरा जी अब नौकरी ढूंढ रहे हैं ....मुदा उनका रखेगा कौन ..उनका तो खाली मूंछ आ पूंछ हिलाना आता था ..अब ई क्वालिफ़िकेशन से तो मल्टीनेशनल तो दूर ....भालेसर हाट का सब्जी मंडी में उनका भिंडी बेचने का नौकरी भी न मिल सकता है ..हां ई हो सकता था कि सरकार सिफ़ारिश करती कि ..अब से दुनिया में कहियों ..कौमन वेल्थ गेम्स हों तो ..भारत का कुतवा और शेरा को कंपल्सरी कोर्स की तरह शामिल किया जाए ..तो शेरा को पेडा खाने के लिए मिल सकता था ..मुदा अब तो ....चलिए देखते हैं .....
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खबर :- अब महंगाई का पारा भी नापेगा गूगल

नज़र:-आयं ....ई गूगल का तराजू तो कमाले है ..महंगाई का पारा नापेगा बताईये भला ...अरे का का कर लेता है ई गुगलवा जी ...अच्छा अपने देस का भी नाप लेगा का ...अरे कमाले दर्जी है ..सेंटीमीटर में नापेगा कि लीटर में तनिक ई भी पता चल जाता तो बढियां रहता न ..हम लोग के भी जानने में आ जाता ..न तो जईसे सरकार नापती है ..ससुरा जाने कौन ..नप्पी ले के नापती जोखती है ..हम तो कै बार देखे हैं कि ..एतना जोर शोर से कह देती है कि अबकि ..सूचकांक एतना ऊपर गया ....और महंगाई की दर घट रही है अऊर सबसे जादे तो ढोल पीटती रहती है कि ..फ़लांना ढिमकाना विकास एकदमें धनाधन टाईप हुआ है ..मुदा हम जबले बसेसर काका को चैक करते हैं ..सब बार , देखते हैं कि नून तेल डाल के कईसे कईसे तो चिबाते रहते हैं .......उनको का पता सार ई गूगल का और ससुर ई सरकार का ....नापते रहे

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खबर :- मेट्रो की लागत में मिल जाएगी 5 लाख को कार

नज़र:-आयं अबे बेडा गर्क हो तुम्हारा ..साला होना उलटा चाहिए और तुम करोगे सोचोगे उलटा ही ..अबे एतना मुश्किल से तो लोगों को समझ में आया था कि मेट्रो को खाली अल्टरनेटिव सवारी के रूप में उपयोगे नहीं किया जा सकता है बल्कि ..उसको जादे यूज करने से ई पोलुसन भी काफ़ी कम होता है जी ....एतना दिन बाद तो गलती से एक ठो सही काम हुआ है ऊ में भी लगे ..दाम दिगर करने कि एतना में ..एतना लाख लोग को कार हो जाएगा ..केतना करोड लोग को सायकल मिल जाएगा ....केतना अरब लोग को रिक्शा मिल जाएगा । अबे ई बताओ कि , साला ई कौन तरह का कैलकुलेशन है बे ..चल भाग ....न चाहिए कार ....मेट्रो ही ठीक है रे समझा कि नहीं बौराहा सब बे ....
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खबर :- पहली बार बसों में पैंट्रीकार व एलसीडी टीवी

नज़र:-हा हा हा रे भाई ..तू लोग भी कमाल है यार ..ई बताओ पहिले कि ई सडल आइडिया सब कौन बनाता है जी ..फ़िर बिना जाने पूछे तू लोग उसपर अमल भी कर लेते हो ..आउर बाद में पब्लिक को अईसे बताते हो जईसे केतना बडका तीर मार लिए हो ..अबे भाई आजकल तो ससुरा मोबाईल से किसी को फ़ुर्सत है हो जो तू लोग का एलसीडी ...और सीसीडी , डीवीडी और जेतना भी टाईप का टीवी है ऊ देखेगा .,,...ऊ भी बस में बैठ कर । अब करो दूसरा बात ..एक बात बताओ तो रे ...ई बस में पेंट्री कार से जादे जरूरी है कि एक ठो सुलभ शौचालय जी ।अरे देखो यार ...ई खाना पीना तो कहियों चल जाता है जुगाड से ..ढाबा ढूबा का कौनो कमी नहीं होता रस्ते भर में ...मुदा ई खाने पीने के बाद जब ..परेसरवा जोर मारता है न तो बप्पा रे ..मन करता है कि ई ससुरा स्टेयरिंग चाहे ड्राईवर के हाथ में रहे ..मुदा ब्रेक तो पकिया सवारी के ही हाथ में होना चाहिए ..का कहते हैं ..


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खबर :- 4 माह में सरपंच के 2 बच्चे! जयपुर

नज़र:-लो बताओ भला ....तब लोग शोर मचाता है कि का तो भारत में लोकतंत्र में सरपंच सब को कौनो अधिकारे नहीं है ..बेचारा सब एकदमे दीन हीन है ..अबे तो ई का कोई दीन हीन आदमी का काम है का बे ...सिर्फ़ चार महीने में दू टो बच्चा हो गया ....ई ससुरा ..गोरमेंटि अनुदान के लिए लोग बाग केतना पगला जाता है ....अरे भईया सरपंच जी ..चलिए ई भी माने कि दु ठो बच्चा के नाम से आपको ..रासन कार्ड न त कौनो आउर स्कीम स्कूम में कोनो फ़ेदा उठाने के चक्कर में ..भर दिए होंगे जादे उनिट न हो जाता है इसलिए ..लेकिन हो महाराज तनिक टाईम इंटरवेल तो अईसन रखिए हो कि ...साईंसवा को भी एतना जोर का झटका नहीं लगे ..कि बेचारा सुसाईड कर मारे । सोच रहे हैं कि साईंटिस्ट सबको पता चलेगा तो जयपुर के ई सरपंच साहब को कहेंगे ..घणी खम्मा हुकुम ...कईसे हुआ ई जुलुम ??

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खबर :- जांच एजेंसियां एक माह में रिपोर्ट सौंपें

नज़र:-अबे सरकारी बाबू की तन्ख्वाह है का ..कि चाहे कुछ करो न करो ..एक माह में बराबर सौंपनी ही पडेगी ...रे है कौन ई एजेंसी बे ..जो एक माह में रिपोर्ट सौंपेगी । ओहो ! तो ई बवाल ..राष्ट्रमंडल खेल के बारे में है ..अऊर जांच एजेंसी ..पूरा जांच करके एक माह में रिपोर्ट सौंपेगी ..मुदा तनिक ई बताया जाए महाराज कि रपटवा आखिर कौन फ़ील्ड का तैयार करवा रहे हैं जी ..ई खिलाडी सब अचानके ...आपके बियोंड द एक्सपैक्टेशन जाके ....एतना सारा मेडल कैसे जीत लिया ...जबकि कौनो फ़ैसिलिटी भी नहीं दिए थे इसका ..कि मामा कलमाडी और मौसी दीक्षित में से केकर बैंक बैलेंस ....एकदम धडाक दनी बढ गया इसका । ओहो अब समझे .....जांच एजेंसी एक माह में ई पता करेगी कि ..आखिर कौन कौन ..देश से परदेश से ..कौन स्टेट से कुतवा ,बंदर सब कौमन वेल्थ में पार्टिसिपेट करने आया था ...रुको रुको ..अबे ई साला तू लोग कहीं भ्रष्टाचार का पता करने कराने वाला नाटक तो फ़िर नहीं न शुरू किया है न रे ..देखो ई रामलीला ई देस का लोग ..अब जाने केतना बार देख चुका है इसलिए अब तो माफ़े करो भईया ....
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खबर :- राष्ट्रमंडल खेलों से देश के छवि खराब हुई है :मणि शंकर अय्यर

नज़र:-आयं ई का कह रहे हैं अय्यर साहब ..तनिक क्लीयर किया जाए न सरकार । कौन एंगल से कह रहे हैं जी ..एतना तमगा तो खिलाडी सब जीत लिया कि ...अब तो कौमन वेल्थ देख रहा ..एक ठो कौमन मैन इहे सोच रहा है कि ..साला टिकट लेके ई देखने से तो अच्छा था ....कि भागे ले लेते ..साला कौनो ने कौनो मेडल तो था ही अपना ...नाम दाम अलग से मिलता ..आ आप कह रहे हैं कि देश की छवि खराब हुई है । अब देखिए ....जे आपका इसारा ...उ कुकुर , बंदर , सांप , बिछौना , स्वीमिंग पूल वाला घटना सबसे है ..तो फ़िर अपना जी के ठीक करिए जी .....अरे ऊ सबके कारण कब
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खबर :- गन्ने के खेत से साढे पांच हजार बोतल शराब बरामद उत्तर प्रदेश

नज़र:-बताईये ...केतना ठर्रामय होता जा रहा है ई देस ...जौन खेत से चीनी निकलना चाहिए थी ( अरे कुसियार , गन्ना जी , ) ऊ खेत से दारू का बोतल निकल रहा है ...तो फ़िर कहिएगा कि नहीं ...यूपी में है दम ...जो न हो जाए कम ...।हाथी सायकल की टक्कर है ...जनता फ़िर भी फ़क्कड है । अऊर तमाम तरह का स्लोगन ..स्टेनगन सब उपी में न बनता है जी ..आखिर जमीने एतना उपजाऊ है तो का होगा ....जब गन्ना का खेत से ...दारू का बोतल निकल सकता है तो कल को ....दारू का फ़ैक्ट्री से डबल रोटी भी निकल सकता है जी ..जय हो माया की माया ...हाय ये क्या निकल के आया
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खबर :- रेलवे ड्राईवर बनना चाहते थे ओमपुरी

नज़र:-अच्छा ...कौन रेल चलाने का मन था ई भी बताईये दीजीए ..जरूर ई ख्याल आपको मेट्रो टरेन देख कर आया होगा ..हां हां अरे हम कह रहे हैं न ..जब इंजनवा से लेकर कर बोनटवा तक में एसी फ़िट होगा तो चलईबे करिएगा टरेन ..ऊ कोयला झोंकने वाला में बने होते न ड्राईवर तो ....ओमपुरी से सदाशिव अमरापुरकर बन जाते जल्दीए । आउर जौन हिसाब आजकल ट्रेन ठोकाठोकी चल रहा है ...आप जल्दीए लौट के .....बॉलीवुड हॉलीवुड करे लगते ......अब मन है तो कहिए ..। अरे दीदी हैं न ....नहीं दुरंतो ..माल गडिया तो मिलिए जाएगा ..ट्राई मारने के लिए ...कहिए एप्लाई करना है का
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खबर :-जल्‍दी मरने को कहा तो 'रावण' को आया गुस्‍सा, रामलीला स्‍टेज पर ही की मारपीट

नज़र :-हा हा हा ..का बात है ..ई हुई न कोई खबर ..सार ई कलजुग में जो न हो थोडा है ....एक तो बेचारा रावणवा ..केतना ड्यूरेबल निकला कि देखो ....सतयुग से लेकर अब तकले साथ निभा रहा है ...हर साल दस दिन तक नाचता कूदता है ..फ़िर उसके पिछवाडे पटाखा लगा के ..सब लोग केतना खुसी मनाता है ..ऊपर से जुलुम ई कि सरे आम उसको स्टेज पर आप कहिएगा कि जल्दी से मर मरा जाए ..तो होईबे करेगा न ..अरे रावण का भी टोलरेंस पावर आजकल पोल्यूटेड न हो गया है जी ....। हा हा हा बताओ ..रावण को बेचारा को मारपीट का नौबत आ गया है ...देखना कौनो दिन पक्का अपना पिछवाडा में लगा आग को बुझाने के लिए ..दौड कर किसी के स्वीमिंग पूल में कूद जाने टाईप का खबर भी पढिए लीजीएगा आप लोग

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खबर :- चिदंबरम के घर की फोटो खींची, छात्र कर लिए अरेस्ट


नज़र :- आयं ..फ़ोटो खींचा ..ऊ भी चिदंबरम के घर का ...एकदमे एरेस्ट होने वाला काम किया था ..ई जो भी किया था ..अबे ई भी कौनो फ़ोटो खींचने का चीज़ था ...साला आउट डेटेड माल को कौन देखता है यार ...अरे खींचना था तो कलमाडी मामा का न तो मौसी का घर द्वार दलान , खलिहान का फ़ोटो खींचता ....ई लुंगी बाबा का फ़ोटो खींच के जौन गुनाह किया उका भुगतान तो करना ही था,.....भुगतो...,
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खबर :- 1300 करोड़ में वाजपेयी को खरीदने की हुई थी कोशिश

नज़र :- अब्बे का कह रहे हो यार सच्चे .......ठीक कहो ..कसम से ..आयं पक्का न ..रे ई सब भी होता है ....वाजपेयी साहब बिकाऊ भी थे ...कमाल है यार ..। और कौन कौन था लिस्ट में ..पूरा सूची ..माने रेट लिस्ट साटिये हो ...हम पब्लिक लोक के भी तो पता चलना न चाहिए कि ..हम लोग के नेता लोग का ..वैट वुट लगा के कुल केतना कॉस्ट पडता है ..अच्छा सुनिए .ल.ई खरीद कौन रहा था ....चलिए छोडिए का ....पूछें आप से और का बताएंगे आप ..फ़िर केतना बताएंगे आप ..

ओह आंख दुखने लगा जी ..तनिक झंडु बाम लगा के आते हैं ....

5 टिप्‍पणियां:

  1. इसको कहते हैं हो असली खबर....टाईट एकदम ;)

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  2. इतनी सारी खबर एक साथ. झा जी, जरा किश्‍तबंदी कर दिया करें, लेकिन मजा आ गया. वाह भाई वाह.

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  3. sachhi me....gajbe hai....

    khabar pe jo apki nazar hai....o aise
    hi nazre inayat hoti rahe......

    pranam.

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  4. 1300 करोड मे बाजपयी जी? काश ये बोली उनकी जवानी मे लगी होती तो शायद 13000 करोड होती राशी। बडिया इश्टाईल।

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हमने तो खबर ले ली ..अब आपने जो नज़र डाली है..उसकी भी तो खबर किजीये हमें...

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