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शनिवार, 7 मई 2011

सरकार झुकी , हडताल खत्म ...लेकिन नकली पायलटों ने हडताल ज़ारी रखने का फ़ैसला किया


इस खबर पर :-सरकार झुकी हडताल खत्म


मेरी नज़र :-..आयं झुक गई ...अबे लेकिन सरकार तो बहुत पहिले से ही गिरी हुई है ..तो गिरी हुई सरकार क्या झुकेगी , लेटेगी ...और ई ससुरी सरकार बिना हडताल के आजकल झुकती भी नय है ....एकदम से झुका दिए न पायलट जी ....जान रहे हैं ई पिछला दिन में लोग जेतना आपको गरियाया है ..ऊका पाप तो आपको कहा जा के फ़ूटेगा ..ई तो अब क्या बताएं यार ..। लेकिन सुने हैं कि नकली पायलट सब नहीं तोडा है ..हडताल ...कहा है कि ई सब सरकार का बदमासी है ..न त खुद नकली प्रधानमंत्री लिए बैठी है ..नकली घी तेल दूध दही जूस हजम कर लेती है ..एक ठो नकली पायलट नही बर्दाश्त हो रहा है ..एक दम घनघोर साजिश है ये




इस खबर पर :-मुंबई के हमलावरों को सजा दे पाक


मेरी नज़र :- हा हा हा हा अबे कसाब का मुकदमा पेशावर शिफ़्ट कर रहे हो क्या बे भाई लोगों ..नहीं ..तो मुंबई के हमलावरों को पाकिस्तान क्या घंटा सजा देगा जब साले तुम अपने ही देश में उसे दामाद बना के एक कोर्ट से दूसरा कोर्ट का टूर ट्रिप पे ले कर चल रहे हो बे । और पाकिस्तान का खाक सजा देगा ...जब उनका घर में छुप्पल ..लादेनवा को भी ....अमरीका को ही सजा देना पडा जाके । हुंह्ह .,....मुंबई के हमलावरों को ...अबे किस किस के हमलावरों को उनके हाथों सजा दिलवाओगे ....संसद पर हमलावरों को , मुंबई के हमलावरों को , दिल्ली के हमलावरों को ......पाकिस्तान को पूरा टाईम टेबल बना के दे दो रे




इस खबर पर :-राम भरोसे चल रही हैं विमान सेवाएं : मंत्री जी


मेरी नज़र :-आयं ...तो राम और भरोसे ...ई दुन्नो हैं जिम्मेदार ई सब डिरामा के लिए ..लेकिन यार ई हडताल में दुन्नो का नाम नहीं सुने । क्या ..अच्छा जो हडताल पे गए थे ऊ सब राम थे और जो नकली के नाम पे भरोसा तोड के जेल गए ऊ सब भरोसे लाल जी सब थे ..लेकिन मंत्री जी अब ई सेवा तो ‘फ़िर भी राम भरोसे चल रही है , आप लोग के सेवा तो ..बाप्प रे बाप्प , ..अरे कौन भरोसे चल रहा है ई तो राम भी नहीं जान पाते होंगे ..अरे जाईए महाराज जाइए हवाई जहाज को उडने दीजीए




इस खबर पर :-कलमाडी को टीवी और पंखा मिला


मेरी नज़र :- हा हा हा अच्छा अच्छा डे बाय डे का प्रमोशन का सूची जारी कर रहे हो बे ...अच्छा उनको छी छी करने के लिए वेस्टर्न वाला दिए हो कि बैसकी वाला अपना इंडियन वाला ही ...अरे नहीं नहीं सुने हैं कि हाजत में पिछला दिन जो बिताए थे न तो उनको दिल में बवासीर का शिकायत हुआ था ...टीवी पंखा मिल गया न ..अब इंडिया टीवी लगवा दो केबल के लिए और इंडिया टीवी वाला को बता दो कि खाली तुमही को समझा गया इस लायक कि कलमाडी जी को देखाया जाए मनोरंजन के लिए ..ऊ इसको भी पिरोगराम में फ़िट करके ..इडिया टीवी ...डांडिया टीवी बनके डांडिया खेलता रहेगा 



इस खबर पर :-धूल में मिला दिया जाएगा ओसामा का शानदार घर


मेरी नज़र :-नहींईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई .....अईसे ही लादेनवा का टप्पर और पाकिस्तान में उसका फ़ैनवा सब चिचियाया होगा ..लेकिन इससे अलग हमरे दिमाग में तो आयडिया आ रहा रहा है कि ..पाकिस्तान से ई शानदार घर ..भाडा पर ले लिया जाए ..और अपने पडोस के राजकीय मेहमान , श्री अजमल जी कसाब जी ( दिगविजय जी की भावना जी का सम्मान जी करते हुए जी ) को वहां शिफ़्ट करा के उनको होमली फ़ील कराया जाना चाहिए । देखिए मेन बात है कि हमें दुनिया को दिखा देना चाहिए कि हम इंसाफ़ दिलाने के नाम पर एक दरिंदे को पाले रखते हैं ,चाहे उस पैसे से कितने ही भूखों का पेट भर जाए





इस खबर पर :-लादेन के मरते ही दाऊद को पाकिस्तान ने छुपाया


मेरी नज़र :- अरे उनका उत्तराधिकारी मिल भी गया पाकिस्तान को ..इसको कहते हैं एक दूरदर्शी देश ..देखे एक मिनट का गैप भी नहीं रखा एक मरा तो दूसरा मिल गया और फ़ट्टाक से उसको छुपा भी दिया . अबे एक मर्तबे तो दिखाना चाहिए था न । आखिर नयका बॉस मिला है पाकिस्तान को ..बाद में चाहे छुपा के रख ले । अरे आखिर अमेरिका का सेना को भी तो थोडा सा तो मेहनत करना ना चाहिए ..खेलो बे खेलो ..छुपन छुपाई का खेल तो अब्बो मजेदार लगता है




इस खबर पर :-ट्रैफ़िक पुलिस वाले सताएं तो संयुक्त आयुक्त को बताएं


मेरी नज़र :- काहे जी काहे बताएं ..मतलब कि पहिले तो ट्रैफ़िक पुलिस सताएगी फ़िर संयुक्त आयुक्त भी सताएंगे ...अबे ई कौन फ़ार्मूला है । क्या ..अच्छा क्या कह रहे हो बे ..मोबाईल लंबर जारी किए हैं ..हेल्पलाईन के लंबर के रूप में ..ओहोहो ..लेकिन यार आज तक जेतना भी हेल्प लाईन है ससुरी हेल्प के टाईम पे लाईन में ही लगी रह जाती हैं ..चाहे पुलिस की हो या रेल की , फ़ायर ब्रिगेड हो या कौनो और ब्रिगेड .चलो कोई बात नहीं नोट कर लेते हैं लंबर भी नोट करो रे सब लोग






इस खबर पर :-भारत ने पाक से फ़िर मांगे दाउद समेत पच्चीस वांछित


मेरी नज़र :-मांगो एकदम हक से मांगना ही चाहिए देखे नहीं पिछला कै साल से अमरीका भी पाकिस्तान से लादेन मांग रहा था और पाकिस्तान भी अमेरिका से मांग रहा था ...अरे डॉलर और क्या मांगेगा भिखमंग्गा साला । लेकिन अपना नेताजी लोग को देखिए , भिखमंगा के सामने ही कटोरी ले के बार बार खडे हो जाते हैं ..कभी बीस वांछित तो कभी पच्चीस वांछित ..जईसे ऊ दे ही देगा ..अरे चोट्टा है चोट्टा ..अमेरिका को भी विश्वास नहीं है उसपे ..और आपको तो दईए देगा लप्प से





7 टिप्‍पणियां:

  1. " kahabroan ki khabar padhker maja aaya ..damdaar post "

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  2. बहुत बढिया खाल खेंची खबरों की।

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  3. बहुत बढ़िया तरीके से ख़बरों की खबर ली है आपने !
    जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें

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  4. प्रिय दोस्तों! क्षमा करें.कुछ निजी कारणों से आपकी पोस्ट/सारी पोस्टों का पढने का फ़िलहाल समय नहीं हैं,क्योंकि 20 मई से मेरी तपस्या शुरू हो रही है.तब कुछ समय मिला तो आपकी पोस्ट जरुर पढूंगा.फ़िलहाल आपके पास समय हो तो नीचे भेजे लिंकों को पढ़कर मेरी विचारधारा समझने की कोशिश करें.
    दोस्तों,क्या सबसे बकवास पोस्ट पर टिप्पणी करोंगे. मत करना,वरना......... भारत देश के किसी थाने में आपके खिलाफ फर्जी देशद्रोह या किसी अन्य धारा के तहत केस दर्ज हो जायेगा. क्या कहा आपको डर नहीं लगता? फिर दिखाओ सब अपनी-अपनी हिम्मत का नमूना और यह रहा उसका लिंक प्यार करने वाले जीते हैं शान से, मरते हैं शान से
    श्रीमान जी, हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु सुझाव :-आप भी अपने ब्लोगों पर "अपने ब्लॉग में हिंदी में लिखने वाला विजेट" लगाए. मैंने भी लगाये है.इससे हिंदी प्रेमियों को सुविधा और लाभ होगा.क्या आप हिंदी से प्रेम करते हैं? तब एक बार जरुर आये. मैंने अपने अनुभवों के आधार आज सभी हिंदी ब्लॉगर भाई यह शपथ लें हिंदी लिपि पर एक पोस्ट लिखी है.मुझे उम्मीद आप अपने सभी दोस्तों के साथ मेरे ब्लॉग एक बार जरुर आयेंगे. ऐसा मेरा विश्वास है.
    क्या ब्लॉगर मेरी थोड़ी मदद कर सकते हैं अगर मुझे थोडा-सा साथ(धर्म और जाति से ऊपर उठकर"इंसानियत" के फर्ज के चलते ब्लॉगर भाइयों का ही)और तकनीकी जानकारी मिल जाए तो मैं इन भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के साथ ही अपने प्राणों की आहुति देने को भी तैयार हूँ.
    अगर आप चाहे तो मेरे इस संकल्प को पूरा करने में अपना सहयोग कर सकते हैं. आप द्वारा दी दो आँखों से दो व्यक्तियों को रोशनी मिलती हैं. क्या आप किन्ही दो व्यक्तियों को रोशनी देना चाहेंगे? नेत्रदान आप करें और दूसरों को भी प्रेरित करें क्या है आपकी नेत्रदान पर विचारधारा?
    यह टी.आर.पी जो संस्थाएं तय करती हैं, वे उन्हीं व्यावसायिक घरानों के दिमाग की उपज हैं. जो प्रत्यक्ष तौर पर मनुष्य का शोषण करती हैं. इस लिहाज से टी.वी. चैनल भी परोक्ष रूप से जनता के शोषण के हथियार हैं, वैसे ही जैसे ज्यादातर बड़े अखबार. ये प्रसार माध्यम हैं जो विकृत होकर कंपनियों और रसूखवाले लोगों की गतिविधियों को समाचार बनाकर परोस रहे हैं.? कोशिश करें-तब ब्लाग भी "मीडिया" बन सकता है क्या है आपकी विचारधारा?

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  5. लीगल सैल से मिले वकील की मैंने अपनी शिकायत उच्चस्तर के अधिकारीयों के पास भेज तो दी हैं. अब बस देखना हैं कि-वो खुद कितने बड़े ईमानदार है और अब मेरी शिकायत उनकी ईमानदारी पर ही एक प्रश्नचिन्ह है

    मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर श्री बी.के. गुप्ता जी को एक पत्र कल ही लिखकर भेजा है कि-दोषी को सजा हो और निर्दोष शोषित न हो. दिल्ली पुलिस विभाग में फैली अव्यवस्था मैं सुधार करें

    कदम-कदम पर भ्रष्टाचार ने अब मेरी जीने की इच्छा खत्म कर दी है.. माननीय राष्ट्रपति जी मुझे इच्छा मृत्यु प्रदान करके कृतार्थ करें मैंने जो भी कदम उठाया है. वो सब मज़बूरी मैं लिया गया निर्णय है. हो सकता कुछ लोगों को यह पसंद न आये लेकिन जिस पर बीत रही होती हैं उसको ही पता होता है कि किस पीड़ा से गुजर रहा है.

    मेरी पत्नी और सुसराल वालों ने महिलाओं के हितों के लिए बनाये कानूनों का दुरपयोग करते हुए मेरे ऊपर फर्जी केस दर्ज करवा दिए..मैंने पत्नी की जो मानसिक यातनाएं भुगती हैं थोड़ी बहुत पूंजी अपने कार्यों के माध्यम जमा की थी.सभी कार्य बंद होने के, बिमारियों की दवाइयों में और केसों की भागदौड़ में खर्च होने के कारण आज स्थिति यह है कि-पत्रकार हूँ इसलिए भीख भी नहीं मांग सकता हूँ और अपना ज़मीर व ईमान बेच नहीं सकता हूँ.

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  6. मेरा बिना पानी पिए आज का उपवास है आप भी जाने क्यों मैंने यह व्रत किया है.

    दिल्ली पुलिस का कोई खाकी वर्दी वाला मेरे मृतक शरीर को न छूने की कोशिश भी न करें. मैं नहीं मानता कि-तुम मेरे मृतक शरीर को छूने के भी लायक हो.आप भी उपरोक्त पत्र पढ़कर जाने की क्यों नहीं हैं पुलिस के अधिकारी मेरे मृतक शरीर को छूने के लायक?

    मैं आपसे पत्र के माध्यम से वादा करता हूँ की अगर न्याय प्रक्रिया मेरा साथ देती है तब कम से कम 551लाख रूपये का राजस्व का सरकार को फायदा करवा सकता हूँ. मुझे किसी प्रकार का कोई ईनाम भी नहीं चाहिए.ऐसा ही एक पत्र दिल्ली के उच्च न्यायालय में लिखकर भेजा है. ज्यादा पढ़ने के लिए किल्क करके पढ़ें. मैं खाली हाथ आया और खाली हाथ लौट जाऊँगा.

    मैंने अपनी पत्नी व उसके परिजनों के साथ ही दिल्ली पुलिस और न्याय व्यवस्था के अत्याचारों के विरोध में 20 मई 2011 से अन्न का त्याग किया हुआ है और 20 जून 2011 से केवल जल पीकर 28 जुलाई तक जैन धर्म की तपस्या करूँगा.जिसके कारण मोबाईल और लैंडलाइन फोन भी बंद रहेंगे. 23 जून से मौन व्रत भी शुरू होगा. आप दुआ करें कि-मेरी तपस्या पूरी हो

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हमने तो खबर ले ली ..अब आपने जो नज़र डाली है..उसकी भी तो खबर किजीये हमें...

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