गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

भारत ने कबड्डी विश्व कप जीता , IPL की चीयर गर्ल्स ने दावत दी


खबर :-भारत ने कबड्डी विश्व कप जीता

नज़र:-अच्छा अबे ये कब हो गया यार । बताओ भला विश्व कप जीत लाए और यहां रत्ती भर भी हलचल नहीं , कोई स्वागत सत्कार नहीं । जब पुरस्कार , सम्मान राशि की भी कोई बात नहीं है तो फ़िर उन्हें विज्ञापन कौन देने की सोचेगा । बताओ भला ये भी कोई खेल है , विश्व कप भी जीत लाए तो भी धेले भर की पूछ नहीं । अच्छा क्या कहा .....ऐसा नहीं है । उनका भी स्वागत करने की पूरी योजना बनाई गई है । IPL की एक चीयर गर्ल ने अपने एक दिन के मैच में मिली फ़ीस से ही पूरी टीम को शानदार जलसा दावत देने की सोची है । सुना है कि सभी चीयर गर्ल्स ने ये पेशकश की है कि वे अपने अपने गुल्लक को फ़ोड के उसमें से जो भी चिल्लर चुनमुच निकलेगा उसीसे , कबड्डी टीम के लिए घर बार, कार सबका इंतज़ाम करवा लेंगे । ये सब देखते हुए बहुत से कबड्डी खिलाडियों ने अगले साल IPL में चीयर गर्ल्स बनना ही बढिया औपश्न समझा है । ये भी ठीक है ...यार कबड्डी के विश्व कप जीतेने से तो अच्छा ही है
_____________________________________________________
खबर : सानिया शोएब की शादी संपन्न


नज़र :- नहीं ईईईईईईईईई........कह दो ये नहीं हो सकता । मेरा मतलब इत्ती जल्दी क्या जरूरत थी । अभी तो सप्ताह भर की एक्सक्लुसिव खबरें बनी पडी थीं । अभी तो इस रिश्ते से भारत पाकिस्तान के रिश्तों में शुरू होने वाले नए अध्याय पर जाने कितनी बडी राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय बहस होनी थी । सत्यानाश हो , मीडिया के इतने जी तोड प्रयासों के बावजूद , इतनी मेहनत के बावजूद भी , सानिया ने दुनिया की परवाह नहीं की । चटपट सब कुछ कर धर लिया । जे तो गल्त बात है जी एकदम गल्त है जे .......है कि नहीं
_______________________________________________________
खबर :- प्रधानमंत्री साधेंगे पाकिस्तान पर निशाना 


नज़र :- वाह इसे कहते हैं बोल्ड एंड ब्लोड ,प्रधानमंत्री । देखा मैं न कहता था कि प्रधानमंत्री सब कुछ पूछ कर नहीं करते कहते हैं । वैसे निशाना साधेंगे मतलब नहीं समझे ,कहीं कौमनवेल्थ गेम्स में तो हिस्सा नहीं लेने वाले हैं । नहीं नहीं उनका कहना है कि बिना पाकिस्तान की मंशा समझे वो कोई बात नहीं करेंगे । हें हें हें , अबे इसे ही कहते हैं क्या निशाना साधना । लो कल्लो बात ये निशाना तो आजादी के बाद से अब तक सारे ही नेता  मंत्री  साधते रहे हैं । खाली बंदूक ढन ढन । यार तुम मंत्री लोगों से अच्छा देश का सिर्फ़ एक संतरी है , उसने जिस दिन कह दिया न कि साधेंगे निशाना तो साध दिया उस
___________________________________________________________
खबर :-सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में घटिया दवाओं की आपूर्ति 


नज़र :- ये क्या खबर हुई यार ,मतलब, पब्लिक को काहे क्न्फ़्यूज़ किया जा रहा है भाई । या घटिया कह लो या सरकारी कहो  एक ही बात को दो बार अलग अलग कह के क्यों कंन्फ़यूज़ किया आयं । अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्र होगा तो घटिया ही होगा और जब घटिया होगा तो दवाई मिल ही रही है ये बडी बात है , उसमें भी क्या ये बताना पडेगा कि घटिया है , पब्लिक भी बौरा गई है सचमुच ही बडा विश करने लगी है शाहरूख खान के कहने पर । सरकार का अपना ही स्वास्थ्य इतना खराब चल रहा है ऐसे में उसके स्वास्थ केंद्रों में क्या आपको फ़ोर्टिस और अपोलो वाली फ़ैसिलिटी चाहिए जी बताईए तो भला ॥
__________________________________________________________________
खबर :- खाप पंचायतों को मिले लोक अदालत का दर्ज़ा 


नज़र :- हा हा हा ये खूब कही , अदालत जिन पंचों को उनके अभूतपूर्व फ़ैसलों के कारण फ़ांसी की सज़ा सुना रही है , उन्हें भी लोक अदालत का दर्ज़ा चाहिए । ओह अच्छा अच्छा इसलिए चाहिए होगी कि इसके बाद जो ये गोत्र मूल , प्रेम विवाह , जैसे गंभीर ...अति गंभीर , और सबसे जरूरी मुद्दों पर लंबित करोडों वादों के निपटारे के लिए ये खाप महापंचायतें ..ओह माफ़ी ..मेरा मतलब ये लोक अदालतें ..जल्दी से ..बल्कि एक ही दिन में निपटा सकें । मुकदमा तो मुकदमा वे तो सारा मामला ही एक दिन में सुलटा लेते हैं , सीधा दोनों युगलों को फ़ांसी पर टांगने का हुक्म दे कर । इतनी बढिया और त्वरित न्याय व्यवस्था के लिए तो इन्हें ये अधिकार मिलना ही चाहिए । पर पहले खुद बेचारे अपनी सज़ा से बच तो जाएं ॥
_________________________________________________________

मंगलवार, 23 मार्च 2010

आखिर हेडली पर माना अमेरिका : बस अमेरिका ही माना है हेडली माना कि नहीं भाई ?

खबर :- जनता पर भारी पडा शेरा ,टाईगर
नज़र :- लो कल्लो बात हमें तो पहले ही पता था कि ई बडकी बिल्ली को जो आप सब मिल के बचाने में लगे हो ..कह रहे हो कि ..खाली चौदह सौ बचे हैं ..उ एक एक भारी पडेगा । अब देखा न पड गया न  भारी शेरा को आगे करके राष्ट्रमंडल खेल के बहाने दिल्ली सरकार ने आम लोगों का तगडा शिकार कर डाला है ।अब पब्लिक ये सोच सोच के हलकान होती रहे कि यार मेरे घर के सिलेंडर में से सरकार इत्ता बडा राष्ट्रमंडल खेल करवाने के मूड में है । जाने कल को ओलंपिक का मन हो गया तो ..पता नहीं क्या क्या बिकवा के छोडे । अच्छी मुसीबत है यार ...शेरा भी बच गया सरकार भी ...बिल्ली के चक्कर में मारी गई दिल्ली ॥
_________________________________________________
खबर :- आखिर हेडली पर माना अमेरिका
नज़र :- मान गया न , देखा हमने नहीं कहा था कि अमेरिका भी बडा मानू टाईप का है ..पहले छिछोरों की तरह न न करता है फ़िर आखिर में मान ही जाता है । चलो मुबारक हो समझो केस तो हल ही हो गया , बस एक बार हेडली भी मान जाए तो क्या कहने । क्या कहा ..हेडली माने या न माने क्या फ़र्क पडता है ।
और फ़िर अमेरिका भी फ़ट से इसलिए भी मान गया होगा क्योंकि उसने देखा होगा ही कि जब पाकिस्तान से आए अपने पडोस के मेहमान अजमल , और अफ़जल को हम कित्ता प्यार से रख रहे हैं तो फ़िर तो हेडली के पास तो अमेरिकन वीज़ा पावर है । ..है कि नहीं ??
______________________________________________
खबर :- दिल्ली बजट :खेल के लिए है सारा खेल
नज़र :- यार ये तो जुलम पे जुलम है , सरकार । ऊ भी अईसन कि आम पब्लिक तो आम से तरबूज़ हुई जाती है । अभी कल ही पढा कि दुई ठो किरकिट टीम को जाने कितने करोड अरब खबर रुपए दे कर खरीदा गया है बाकायदा बोली शोली लगा के । फ़िर आज देखा तो सरकार कह रही है कि देखो जी , हमें इस साल एक मंडल खेल कराना है इसलिए तुम्हारी रसोई का कमंडल ठंडा किए देते हैं । आज से सिलेंडर का साईज़ उतना ही रहेगा तनिक दिल बडा कर लीजीए ...अरे बिल बडा न होने वाला है व्हाट एन आईडिया सर जी । मगर यार जब इत्ते ही गरीब हो रिए थे तो कह देते आईपीएल वालों को पैसा उधार देने को ..आराम से ओलंपिक भी करवा सकते थे भईये ।
________________________________________________________
खबर :- भाजपा न संघ को छोडेगी न हिंदुत्व को
नज़र :- बिल्कुल छोडना भी नहीं चाहिए , खासकर ऐसे में जब न कुछ छोडने के लिए बचा हो न ही पकडने के लिए ...और अब तो सुना है कि आम आदमी को भी भाजपा की इस पकडम पकडाई में अब कोई इंट्रेरेस्ट रह ही नहीं गया है । फ़िर इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि ..हम तो डूबेंगे सनम ....और सब जने साथ साथ ही डूबेंगे । वैसे एक बात समझ में नहीं आई ..भाजपा ने हिंदुत्व को कब पकडा था । हां मोदी शोदी जैसे एकआध को छोड दिया जाए तो , बांकी सबने तो कर लिए सारे वादे पूरे । धारा 370 हटा दी , राम मंदिर बना दिया ..और ..अबे छोडो हमने कौन तुम्हारी रिपोर्टकार्ड लिखनी है ।
__________________________________________________
खबर  :- अर्थव्यवस्था की नब्ज़ टटोलेंगे प्रधानमंत्री
नज़र :- ओह आखिरकार प्रधानमंत्री के भीतर छुपा अर्थशास्त्री जाग ही उठा न । हमें तो पता ही था कि एक न एक दिन ऐसा होगा ..जब प्रधानमंत्री को इस कोमा में जा रही अर्थव्यवस्था का ध्यान आ ही जाएगा ,,बेशक चीनी , आलू खरीद कर बेहोश होती आम प्रजा का ध्यान आए न आए । मगर सर जी जल्दी करिए न ....मुझे तो लगता है नाडी  रही नहीं है अब ..बस धुचुक धुचुक ही हो रहा है सब कुछ ..अरे वो मरने से पहले फ़डफ़डाने टाईप का होता है न ..वैसा ही कुछ चल रिया है भाई । देखें अब नब्ज़ पकड के कब तक सरकार अर्थ्वयवस्था का कब्ज़ दूर कर पाती है ।

_____________________________________________________
खबर :- बातचीत से पहले पाक का दामन देखे अमरीका : भारत की नसीहत
नज़र :- भारत की नसीहत , अमेरिका को ..वो भी ये कि पाकिस्तान का दामन देखे । अबे कितना जुलुम डायलाग काट लिए आज भैय्या । तबियत उबियत तो ठीक है न सबकी । ई अचानक अईसन बंदर पलटी कैसे भाई । ई जरूर थरूर ही होंगे । का कहे नहीं ई तो एस एम कृष्णा हैं...कह रहे हैं कि अमेरिका को पाकिस्तान का दामन देखना चाहिए  इससे पहले कि वो पाक से परमाणु मुद्दे पर बात करे । लो तो इसमें कौन नई बात है जी , पाकिस्तान का दामन तो अमेरिका देखता ही रहता है ..अरे अपना डोनेशन का बैलेंस चैक करने के लिए यार । और फ़िर पाकिस्तान के मियां अब्दुल कादिर ने ही तो इससे पहले अमेरिकी परमाणु की इत्ती बढिया सेल की थी ..फ़िर क्या देखना जी ॥

शनिवार, 13 मार्च 2010

सरकार गरीबों की किडनी के लिए चिंतित : अद्धा , पव्वा और पाऊच वाली दारू भी हर्बल हो

खबर :गरीबों की किडनी रोग पर चिंतित है सरकार
नज़र :-बताईये फ़िर भी लोग कह रहे हैं कि सरकार कुछ नहीं कर रही है गरीबों के लिए , महंगाई के लिए कुछ सोच नहीं रही है । जबकि गरीबों के लिए तो कुछ भी सोचना ही आज के समय में सबसे बडे साहस का काम है , बेशक गरीब के पेट के लिए न सही मगर किडनी यानि गुर्दे के लिए , वो भी गरीब के गुर्दे के लिए सोचना कोई कम बडी उपलब्धि तो कतई नहीं मानी जा सकती , और फ़िर हो भी क्यों न आखिर गरीबों की गुर्दे के  कारोबार का टर्नओवर भी कुछ कम बडा नहीं है । खैर ,मगर सरकार ने पूरा तय किया है गरीबों की किडनी खराब होने से बचाने का एक ही उपाय है कि उन्हें जो अद्धा , पव्वा उपलब्ध है वो गुड क्वैलिटि का नहीं होता है । इसलिए सोचा जा रहा है चीनी के धंधे से जो मुनाफ़ा हो रहा है , उसका थोडा सा हिस्सा पव्वे अद्धे के कल्याण के लिए लगाया जाएगा । और गरीब को पाउच में भी बढिया स्वाद वाला हर्बल टाईप का दारू उपलब्ध कराया जा सकेगा ...जय हो जय हो ॥
_______________________________________


खबर : पेट्रो कीमतें कम न होंगी :वित्त मंत्री
नज़र :- नहीं होंगी जी , बिल्कुल भी नहीं होंगी । और आपके फ़रिश्ते भी चाहें न तो भी नहीं कम होंगी , अबे भाई ये बताओ जब तुम लोग पाव भर चीनी और किलो टमाटर का भाव नहीं कम करवा सकते , जो कि अपने ही देश में उपजते हैं तो ये पेट्रो तो फ़िर भी सऊदी से मांग मूंग कर लाते हो ..उसकी कीमत कहां से कम कर लोगे भैय्या ?? लेकिन यार एक बात समझ में नहीं आई ये कौन सी ऐसी स्टेटमेंट थी जो आपने मुंह फ़ाड कर मीडिया को बताया कि जिस पर गर्व किया जा सके । अबे ये तो नहीं भी बताओगे तो सबको पहले से ही पता है । ..अच्छा अच्छा और कुछ था नहीं आज बोलने छपने के लिए ....फ़िर तो ठीक है ॥
______________________________________

खबर :- अब फ़र्जी वीजा स्टिकर के धंधे में भी आईएस आई

नज़र :- ओह ये मंदी जो न करवाए , अच्छा भला बम बारूद का धंधा चल रहा था । अमरीका से पहले बम बारूद मिलता था , फ़िर उसके फ़ूटने पर आतंकियों की तरफ़ से भी ईनाम शिनाम ....यानि डबल बेनिफ़िट । मगर अब उस धंधे में भी वो बात नहीं रही । कारगिल के बाद से तो घुसपैठ आदि का पार्ट टाईम काम भी जैसे सुस्त पड गया है । और ऊपर से मंदी की मार । अब नकली नोट के काम से पूरे देश का पेट तो नहीं भर सकता न तो ऐसे में यदि कोई अपनी बिजनेस पोलिसी के हिसाब से धंधे में कुछ नई कोशिश कर रहा है तो ये खबर बन गई । बताओ यार शराफ़त को जमाना ही नहीं रहा ....अगला कुछ तो करेगा ही न । अब ये मत सलाह देने लगियेगा कि ..विकास का , उद्दोग का , और ऐसे ही फ़ालतू कामों में अपनी बरसों की बनाई इमेज खराब कर ले ।
______________________________________

खबर :चीन ने गूगल को चेताया

नज़र :- यार अब इसमें चीन की बहादुरी को सलाम करना है कि गूगल बाबा के खराब चल रहे टाईम को । आजकल गूगल बाबा वैसे भी बहुते गुगली का शिकार हो रहे हैं । हम तो खुदे सोच रहे हैं कि चेताएं उनको कि ...का बाबा कब तक ..ई हिंदी ब्लोग्गर्स का एड सेंस को सस्पेंस में रखोगे ...सबको टेंस में रखे हुए हो । अरे खोलो जी सबके लिए नयका अकाऊंट सब । ओईसे सुने हैं कि चीन कहा है कि गूगल बाबा का हैकिंग बर्दाश्त नहीं करेगा ...लो चोर मचाए शोर । जो ससुर चीनी सब ..भारत का पूरा क पूरा क्षेत्र को हैक करके बैठा हो ..ऊ भी अईसन बात कहता फ़िर रहा है । का किया जाए ...ई आजकल बाबा लोग का टाईमे खराब चल रहा है शायद ।
______________________________________

खबर :-जल्द भारतीय को चांद पर ले जाएगा रुसी यान

नज़र :- काहे जी रूसी यान काहे जी हम तो सुने थे कि भारत अपना खुद का ही एक ठो उडन खटोला चांद पर भेजने का तैयारी कर रहा है ..उसीमें । का आप लोग यी पार्टनरशिप पर ई धंधा शुरू किए हैं का जी ? अरे ई मंदी जो न कराए जी । क्या कहे ..ड्राईवर का वेकेन्सी के लिए सबसे बढिया भारतीय ही मिला है । भारत का ड्राईवर ..सायकिल मोटरसायकिल, टरेन , टरक , जहाज और हवाईजहाज सबको एके स्टाईल में चला सकता है , मजाल है कि एक मिनट भी खतरे का मजा न आए । ..ओह तो ई क्वालिफ़िकेशन देख के ...ठीक है ....हम तो कहते हैं कि दिल्ली में चलने वाले  ब्लू लाईन बस का ड्राईवर ले जाईये ...गजब का परफ़ोर्मेंस के साथ साथ ..मारक क्षमता भी कमाल का है उनका तो ...राईट लेफ़्ट ....दोनों तरफ़ का शिकार कर लेते हैं ऊ लोग ॥
_____________________________________
खबर :-गांव देहात में भी दिखेंगे एटीम

नज़र :- जे बात , आज तो हर तरफ़ विकास ही विकास दिख रहा है , ओहो आप लोग भी न मेरा मतलब दिन में तो दिख ही रहा है न , अब रात में बिजली नहीं रहती ,,का कहे खंबा भी नहीं है ...तो उससे का ...अरे एटीएम के विकास से बिजली का का कनेक्शन ? आज घर घर में मोबाईल है , टीवी है , डिश है , और अब एटीम भी होईये जाएगा । और कितना फ़ैसिलिटी चाहिए जी । .....अरे जाईये जाईये ..आप लोग तो बस जब देखो ..स्कूल , अस्पताल , उद्दोग धंधा , का रोना ले कर बैठ जाते हैं ...उससे ऊपर उठिए जी और थिंग बिग .......है कि नहीं ?????
_____________________________________

तो इसी के साथ आज के बुलेटिन समाप्त हुए ...मिलते हैं एक छोटे मोटे कौमर्शियल ब्रेक के बाद ....

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

पाकिस्तान से जुड रहे पुणे विस्फ़ोट के तार ...नहींssssss !!! कह दो ये झूठ है ....



खबर :- पाकिस्तान से जुड रहे पुणे विस्फ़ोट के तार .......

नज़र :- नहींssssss !!! कह दो ये झूठ है । सरारस सफ़ेद झूठ । ऐसा कैसे हो सकता है , पाकिस्तना ऐसा कैसे कर सकता है ...पाकिस्तान तो हमारा पडोसी देश है , हमारा छोटा भाई है । उनके खिलाडियों , कलाकारों , फ़नकारों के तार बेशक हमसे जुडे हो सकते हैं , । हालांकि इस बार खिलाडियों के मामले में जरूर थोडा सा कनेक्शन आऊट और रेंज़ हो गया था , मगर इसके लिए तो हमारे बादशाह खान ने सरेआम अपनी परेशानी और चिंता जाहिर भी कर दी है । मेरी तरह एक आम आदमी यही सोच के परेशान है कि ...पाकिस्तान के तार विस्फ़ोट से .....पाकिस्तान जैसे शांतिप्रिय, सहनशील, सहिष्णु ..(और भी जितने विशेषण हैं जोड लें , ) देश के तार कैसे जुड सकते हैं । क्या कहा .....ये कौन सी नई बात है ये तो हमेशा की कहानी है, अमां जब ये हर बार की कहानी तो फ़िर क्यों बार बार यही राग अलापते हो यार ? कभी तो किसी बरमूडा, होनोलुलू , टिम्बकटु का नाम लो, उनसे तार जोडो न ।

___________________________
____________________________________________________

खबर :-चार वर्ष से पहले बच्चों पर न पडे पढाई का बोझ : कपिल सिब्बल

नज़र :- अमां क्या के रिये हो भाई मियां ,? चार साल से पहले बच्चों पर पढाई का बोझ । राम राम राम कैसा जमाना आ गया है यार , हमारे जमाने में तो पांच साल के बाद भी जब स्कूल जाना शुरू किया था तो जाते समय आर्केस्ट्रा की वो धुन बजाया करते थे कि पूरे मुहल्ले को पता चल जाता था कि छोटे झाजी स्कूल चले हैं । और आप बच्चों पर पढाई का बोझ की बातें कर रहे हो । हम तो कहते हैं कि बच्चे अपने बस्ते का बोझ उठा के इतने मजबूत हो जाते हैं कि आप चाहो तो उनसे ईंट पत्थर की ढुलाई करवा लो । बच्चों का तो पता नहीं , और पता क्या नहीं ये उनके बस्तों के वजन , जो खुद उन बच्चों से शायद थोडा ही कम ज्यादा होता हो , से पता चल जाता है । मगर फ़ीस और डोनेशन का जो गज़ब का वजन इन दिनों अभिभावकों पर पड रहा है ,उसने तो उनकी कमर ही तोड कर रख दी है । तभी तो आजकल कोई माता पिता अपनी पीठ पर बच्चों को बैठा कर हाथी घोडे की सैर नहीं कराता । बोझ कम करने के लिए कुछ तो किया ही जाए अब

_______________________________________________________________________________

खबर :- भारत ने बनाई मैच पर पकड , सचिन सहवाग की धमाकेदार पारी

नज़र :- उफ़्फ़ !!! क्या मुसीबत है ? यार इन खिलाडियों को कोई समझाता क्यों नहीं ? यदि अच्छे फ़ार्म की स्टेबिलिटि नहीं बनाए रख सकते तो कम से कम खराब फ़ार्म वाली फ़ार्म तो बनाए रखनी चाहिए कुछ दिन । अभी दो दिन पहले ही तो मीडिया बंधुओं ने इतनी मेहनत से सबकी कुंडली बनाई थी , टोकरे भर भर के एक्सक्लुसिव रपटें बनाई थी , कि देखो हमारे ये महान खिलाडी कितना गंदा खेल रहे हैं , अपना तो अपना, हमारे जैसे सेंटी दर्शकों की भावनाओं के साथ खिलवाड करते हुए उनका भी अपमान कर रहे हैं । इन्हें कोई हक नहीं कि इतना सम्मान, नाम दाम मिले । इनकी इतनी घटिया परफ़ार्मेंस को देखते हुए क्रिकेट को भी जल्द ही राष्ट्रीय खेल घोषित कर देना चाहिए , जब हाकी जैसा हाल होगा न इनका तो पता चलेगा कि कैसा लगता है ? सारी विज्ञापन कंपंनियां भी सोचने लगी थीं कि , चलो यार , छोडो इनको , सानिया सगाई टूटने के बाद फ़्री है , उसीसे कुछ विज्ञापन करवाते हैं ।............मगर हाय रे फ़ूटी किस्मत , अब ये इस मैच में फ़िर खेलने लगे ....अब फ़िर से वही सब करना पडेगा .....माद्दा वाले खिलाडी हैं , जुझारू टीम है .....आदि आदि .....कित्ती टेंशन है भाई इस क्रिकेट में । अपना राष्ट्रीय खेल ही ठीक है ....और अबके तो सुना है सब कह रहे हैं फ़िर से दिल दो हाकी को ..पता नहीं वेल्नटाईन पर किसी ने दिया कि नहीं

रविवार, 17 जनवरी 2010

लो ब्लोग्गर तो टंकी पर चढे ही , अब ये भी .!!!!!



खबर:- भावनाओं में बह कर निशानेबाजी छोडने का फ़ैसला नहीं लेंगे अभिनव बिंद्रा

नज़र :- और ल्यो. ....इहां लोगबाग ई सोच के हलकान (यार इस हलकान शब्द का बडा ही ऐतिहासिक टाईप का महत्व हो गया है हिंदी ब्लोग्गिंग में )हुए जा रहे हैं कि हम ब्लोग्गर बात/बेबात टंकी पे चढ जाते हैं , फ़िर सबके घुडकने से टंकी से उतर आते हैं ।इहां तो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज खुदे सबके निशाने पर चढने के बाद टंकी पर चढ के एलान कर दिए कि जाओ , अब नहीं लगाएंगे हम निशाना , तुमही लोग लगाओ , और मच गया हडकंप । अब उनकी ऐसोसियशन ,( अजी अपने जैसा प्रेम थोडी है कि टीप और पोस्ट लिख लिख के उसकी सीढी बना के ब्लोग्गर को टंकी से उतारा जाता है , )भागती फ़िर रही है कि कौन सी लिफ़्ट लगाई जाए कि अभिनव बिंद्रा नीचे उतर आएं । वैसे सुना है कि इसके बाद अभिनव बिंद्रा ने भी कह दिया है कि वे भावनाओं में नहीं बहेंगे ।

एक हम हैं बहना बहाना तो पता नहीं सीधा जंप मार के डूबिये जाते हैं । देखा हमें किसी ने कहा था , तुम्हें गोल्ड मेडल नहीं मिला तो क्या काम तुम्हरा भी उससे कम नहीं है .....अरे परफ़ोर्मेंस का नहीं यार टंकी पे चढने का भाई
_______________________________________________________________________________
खबर :- यदि अब हुआ आतंकी हमला तो मुंह तोड जवाब देगा भारत :अमरीका ने कहा

नज़र :- अबकि सैम चचा बोले हैं ......वाह ई तो एक दम ईमोशनल अत्याचार टाईप हो गया जी । आखिर ऐसा एंगल चेंज कैसे हुआ जी ? एक तो यार यदि अबकि बार .....यदि अबकि बार ...बार बार ये डायलाग मत मारा करो , तुम लोग तो कुछ करते धरते नहीं हो । आतंकवादी इसे सीरयसली ले लेते हैं और फ़िर कुछ कर देते हैं कि लो अबकी बार भी कर दिया ..कर लो जो करना है । वैसे अबकि बार भारत मुंहतोड जवाब देगा ...ई का ...का मतलल है भाई । कौनो स्पेशल हथौडा दिए हो का गिफ़्ट में ओबामा जी ??? फ़िर आपको कैसे पता कि मुंह तोड ही देगा भारत । देखिए हमारी परंपरा तो आतंकवादियों के मुंह की चुम्मी लेने की रही है , हम आपकी तरह अशिष्ट लोग नहीं हैं कि बदला ले लें ..समझे कि नहीं ..सैमू चचा ॥
_____________________________________________________________________________
खबर :- प्रधानमंत्री जल्द ही सुनेंगे राज्य के मुख्यमंत्रियों के गिले शिकवे

नज़र :- राम राम राम ! का जमाना आ गया है भाई , बताईये भला कहने को हम लोग प्रजातंत्र हैं और खबर देखिए , प्रधानमंत्री सुनेंगे गिला शिकवा......किसका ....मुख्यंत्री लोग का । अबे कभी जनता का भी नंबर आएगा ....। तुम प्रधानंत्री , मुख्यमंत्री , मेन मंत्री ,साईड मंत्री लोग ही आपस में एक दूसरे के गिले शिकवे कहते सुनते रहोगे तो काहे के लिए कहते फ़िरते हो प्रजातंत्र ...इसे नेता तंत्र क्यों नहीं कहते ? और क्या कह रहे हो , तुम्हारे गिले शिकवे ....अबे अभी भी गिले शिकवे । अबे और कित्ती फ़ैसिलिटी चाहिए तुम्हें , इत्ते नवाबी ठाट बाट , जितने मर्ज़ी अपराध करो , सात खून भी माफ़ , सारे खानदान को नौकरी चाकरी , और अपने अपने हिसाब से घोटाले घपले करने की फ़ैसिलिटि अलग से .तब भी तुम्हारे गिले शिकवे खत्म नहीं हो रहे हैं । सुनिए जी मनमोहिए इन्हीं का आप ...हम तो प्रजा तंत्र हैं जी चलेगा ॥
______________________________________________________________________________

खबर :- सहवाग ने बांग्लादेश को साधारण टेस्ट टीम बताया

नज़र :- टेस्ट टीम ....वो क्या होती है जी । हें हें हें अच्छा अच्छा आप वो त्रेता द्वापर युग के क्रिकेट की सहवाग ने ऐसा कहा , ये सहवाग को हमेशा से सच एकदम खुल्लमखुल्ला कहने की बीमारी रही है यार । वैसे इसमें इतना हाय तौबा मचाने वाली कौन सी बात है भाई , जिस अंदाज़ में सहवाग बल्लेबाजी करते हैं उस अंदाज में तो आस्ट्रेलिया भी साधारण टेस्ट टीम लगती है तो बांग्लादेश तो बांग्लादेश है । वैसे भी इतनी बार बार लगातार हारते जाने के हिसाब से तो वो हमें साधारण टीम नहीं लगती एक दम असाधारण टाईप परफ़ोर्मेंस है जी

_________________________________________________________________
खबर :- आस्ट्रेलिया में नहीं थम रहे हमले

नज़र :- अच्छा , बताओ यार तुम लोग तो राज ठाकरे से भी गए गुजरे हो यार । अब तो सुना है कि वो भी तब तक बिहारियों पर हमले नहीं करेगा जब तक चुनाव न सामने हों । अबे उसे तो फ़िर भी पोलटिस करनी है भाई , मगर तुम कंगारू लोग काहे के लिए एतना बावले हो गये हो भाई । एक हमारी सरकार है ससुरी , कौनो क्रिकेटर के साथ कुछ हो जाए , कि खाली ऊ को कोई कुछ बोल भी दे तो पगलाए जाती है, मुदा अपने देश का बचवा सबके साथ ई सब हो रहा तो नामर्दी दिखा रही है । अरे एक ठो आस्ट्रेलियन को अपने इहां भी घसीटो-पीटो , सब अपने आपे ठीक हो जाएगा ।नहीं त भारत कैसे ई सब मामले में बहादुरी दिखाता है ई बात कौनो आस्ट्रेलिया से छुपी थोडे है .......
_____________________________________________________________________________

खबर :- शाहदरा (दिल्ली) में सरेशाम १७ लाख की लूट

नज़र :- लो तो ई में खबर वाली कौन बात है । ई कि दिल्ली में लूट हुई, सत्रह लाख की हुई आ कि सरेशाम हुई ई । ई में से कौन बात अनोखी लगी जी , कि खबर बना दिए । अरे आज दिल्ली किसी बात में कम थोडे ही है जो लूट जैसी छोटी मोटी वारदातों के लिए रात का इंतज़ार करना पडे । वो भी कितनी रकम के लिए सिर्फ़ सत्रह लाख , अबे इत्ते में आजकल घर भी नहीं मिल रहा । सोचो ये तो है नहीं कि बेचारे लुटेरों ने अपना जीवन संवारने के लिए या फ़िल्मों टाईप कि इसके बाद लूट के पैसों से सारा जीवन अच्छा बन के गुजारेंगे , की भावना से किया होगा । वो तो यार शाम की बातो होगी , ठंड इतनी ज्यादा पड रही है तो जरूर उन्होंने दारू-मुर्गा, पार्टी शार्टी के लिए , बेचारों ने इतनी मेहनत की होगी । अब महंगाई को देखते हुए शाम की पार्टी के लिए इत्ती रकम तो जेनुइन है यार .....छोडो छोडो फ़ालतू की खबर को तूल दे दिया है


चलिए आज के समाचार समाप्त हुए

मंगलवार, 12 जनवरी 2010

हाकी खिलाडियों से करोडों की फ़ैसिलिटी वापस ली जाएगी




खबर :- लौटें या कार्रवाई को तैयार रहें हाकी खिलाडी

नज़र :- हां , बिल्कुल ठीक बात है , यार हद है , बताओ भला राष्ट्रीय खेल के खिलाडी इस तरह से करेंगे तो कितना बुरा असर पडेगा मालूम है। बच्चे तो भूल भी जाएंगे कि राष्ट्रीय खेल हाकी है , और सब क्रिकेट के दीवाने हो जाएंगे । इसलिए इस कदम का समर्थन किया जाना चाहिए । मैं तो कहता हूं कि हाकी खिलाडियों को मिलने वाली तमाम सुविधाएं, लाखों करोडों का बैंक बैलेंस, उनका वो स्टार स्टेटस, विज्ञापन के इतने सारे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अनुबंध , और इस तरह की तमाम सुख सुविधाएं वापस छीन लेनी चाहिए .....। आयं , क्या कहा ...ये सब तो उन्हें मिल ही नहीं रही है .......अबे तो क्या खाक कार्रवाई करोगे बे...। जब दिया ही कुछ नहीं है तो लोगे क्या ..?????
______________________________________________________
खबर :-बार में गोली चलाने वाले विधायक पुत्र को मिली जमानत

नज़र :- इसलिए तो मुझे इस देश की न्याय व्यवस्था पर अभी भी पूरा विश्वास है । एकदम से परख लेते हैं कि कौन किस लायक है । अब बताईये इतनी शानदार क्वालीफ़िकेशन के बाद भी यदि उसे यदि जमानत नहीं मिलती तो फ़िर काहे का न्याय जी । अब विधायक पुत्र है तो गोली ही चलाएगा न , कोई हमारी तरह फ़टा हुआ स्कूटर तो चलाएगा नहीं, और फ़िर बार से उपयुक्त जगह है कोई इस काम के लिए आप ही बताईये भला । और सबसे अच्छी बात तो ये है कि इस गोली से कौन सा कोई जेसिका लाल मर्डर जैसा कुछ हुआ था जो उन्हें जमानत नहीं मिलती । हमें तो इस खबर से जितना भरोसा लोकतंत्र पर हुआ है उतना ही अटूट विश्वास न्यायव्यवस्था पर भी हुआ है
____________________________________________________________

खबर :-तैरते रेस्तरां पर होगी नीतिश कैबिनेट की बैठक

नज़र :- डूबते हुए राज्य के लिए सारे फ़ैसले तैरते रेस्तरां पर ......व्हाट एन आईडिया सर जी । तभिए न सब कह रहा है कि ग्रोथ रेट देखिए ,बताईये एतना नायाब आईडिया लाए हैं कि सब पानी पानी हो गया है । ओईसे हमको आपका ई उत्तम विचार का टाईमिंग तनिक मिसमैच किया हो नीतिश जी । अपने इहां तो हर साल बाढ अईबे करता है । तब तो पूरा बिहार ही तैरता हुआ रहता है , तब तो चौपाल की बैठक से लेकर , कैबिनेट की बैठक तक सब कुछ एक दम स्वीमिंग करते करते हो सकता था । बताईये हमरा आईडिया आपके वाले से ज्यादा टैण टैणेन है न ????____________________________________________________________________________

खबर :-आश्वासन के बाद भी क्यों नहीं रुक रही आस्ट्रेलिया में हिंसा :कृष्णा

नज़र :- लो जी अब ये और नई बात लो । कृष्णा साहब पूछ रहे हैं कि , भैय्या कंगारू लोग तुम लोग जो वादा किए थे कि अब अपने बबुआ लोगों को नहीं मारेंगे पीटेंगे तो फ़िर काहे नहीं वादा पूरा किए ?? का कृष्णा जी , इ ससुर आस्ट्रेलियन सब को आप चीन्हते नहीं हैं का । सब ई राज ठाकरे का विदेशी आस्ट्रेलियाई संसकरण है जी । मानेगा थोडी, जब उनका क्रिकेट खिलाडी सब बार कुछ न कुछ कर कह जाता है तो ऊ तो आम पब्लिक है । और आश्वासन की बात तो कीजीये मत । आपके पडोस में बैठे , पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, चीन रोजे कितना आश्वासन करता है ???और फ़िर निभाता कितना है ई आपको पता ही होगा । आस्ट्रेलियन सरकार को जरा कायदे से समझाईये /धमकाईये तब समझ में आएगा उनके ॥
______________________________________________________________________________

खबर :-ज्योतिषी नहीं हूं जो बता दूं कब सस्ती होगी चीनी ,: पवार

नज़र :-अरे धत तेरे कि क्या पवार साहब । आप पहले बताते कि ये आपका काम नहीं है और ये ज्योतिषी बताएंगे कि चीनी कब सस्ती होगी । आप तो खाली बिना पावर वाले पवार हैं जी । यदि यही बात है तो फ़िर हम खुदे जान जाएंगे , सुन रहे हैं न अपने ब्लोग के ज्योतिषी लोग । जल्दी से बताईये ....अरे हमको नहीं जी .....पवार साहब को बताईये । आखिर ऊ मंत्री हैं कुछ न कुछ तो कहना ही पडेगा न उनको भी ॥वैसे तो इसका एक दम सिंपल जवाब ई है कि चीनी तब सस्ती होगी जब देश वासियों को , लगभग अस्सी प्रतिशत को डायबिटीज हो जाए तो , जरूर सस्ती हो जाएगी ??? ऐसा हमारा आकलन है जी
_______________________________________________________________________________

खबर :-राष्ट्रमंडल खेल के लिए मच्छरों का होगा सफ़ाया

नज़र :- जे बात ! और सबको लग रहा था कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए कोई तैयारी ही नहीं हो रही है , बताईये भला । देश की एक अति प्राचीन परंपरा ( जिसमें मेहमानों का परिचय मेजबान के घरों के मच्छरों से जरूर हो जाता था ) को भी बदलने के लिए तैयार है सरकार और इसके लिए बाकायदा योजनाएं भी बनाई जा रही हैं । मगर इस सुनहरी योजना में बस एक गडबड हो रही है कि सुना है कि अपने देसी खिलाडियों का कहना है कि उन्हें यदि इस देसी फ़ैसिलिटी( जिसमें उन्हें खटमल मच्छरों के साथ अभ्यास की आदत हो गई है )तो राष्टमंडाल खेलों के दौरान यदि उस सुविधा से वंचित किया गया तो फ़िर बाद में न कहना कि मैडल नहीं ला पाए .....हां नहीं तो कहे देते हैं ॥




शनिवार, 19 दिसंबर 2009

रूस में दिखी उडनतशतरी : अबे ब्लोग्गिंग भी करती है क्या




खबर :- रूस में देखी गई उडनतशतरी

नज़र :- अबे रूसियों .....तुम लोगों का यार जब से स्टेट छोटा हुआ है न ..तभी से इत्ती सी बात भी तुम लोगों के लिए खबर बन जाती है यार कमाल है । बताओ हमारे यहां तो बच्चे बच्चे ने उडनतशतरी को देखा है ....अबे हमारी वाली उडनतशतरी तो ब्लोग्गिंग भी करती है .....और बीडी पी के उसके कवर पर इत्ते धांसू धांसू गज़ल लिखती है कि ....चचा गालिब होते ..तो कबके बोतल छोड के बीडी शुरू कर देते । तुम लोगों ने कोई प्लेट श्लेट थाली वैगेरह भटकते हुए देख ली होगी तो इतराने लगे । हमारी वाली को देखो गश खा के न गिर गए तो कहना ...हमारी वाली है एक दम क्यूट सी गोलमोल ....ऐसा लगता है गुलाब जामुन ....खुद अपने इंसानी वर्जन में खूब सारा मीठा रस लेकर हमारी प्लेट में चली आई है और हम गडप गडप खाए जा रहे हैं स्वाद से । अब बताओ थी क्या ऐसी उडनतशतरी ........???????? नहीं न ...॥
_____________________________________________________________________

खबर :-कसाब अपने बयान से पलटा

नज़र :- हाय राम इत्ती घनघोर फ़ैसिलिटी के बाद भी पलट गया । मुआं, नासपीटा ,मान ही लेता चुप करके तो हम कौन सा उसे फ़ांसी पे चढा रहे थे । और फ़िर हमने कौन सा उसके कहने से सीधा सीधा मान लेना था ....हमारे पास अपनी सी बी आई टाईप की एक धुंआधार पुलिस है जो बिना कहा मनवा लेती है और जब मान लो तो उसे बिना किया भी साबित कर सकती है । यार तुम कह रहे हो तुमने पुलिस की पिटाई के डर से ऐसा कहा था ....। यार ये तो एक दम फ़ाऊल है भाई .....हम तो सुन रहे थे पुलिस तुम्हें शाही कबाब वैगेरह उडा रहे थे ..और माशा अल्लाह तरह तरह की फ़रमाईशें भी पूरी हो रही थी । फ़िर भी
अच्छा सिला नहीं दिया तूने मेरे प्यार का ,
थोडा सा तो रखता मान हमारे लाड का ॥

तुमने यार एकदम पाकिस्तानी टाईप हरकत की है , जाओ अब हमारा देश और हमारे नेता , तुम कसाबों के वादों पर कभी भी यकीन नहीं करेंगे ।.....
_____________________________________________________________________________


खबर :- ममता ने खोली लालू की पोल

नज़र :- आखिरकार खोल ही दी आपने भी ममता बेन । चलो आखिर रेल मंत्री बनने का असली उद्देश्य तो सार्थक हो गया ...अब खुशी खुशी आप रेलवे पर ध्यान दे सकती हो ....वो दुरंतो चलाने वाली थी न । एक तो ये लालू जी भी न पता नहीं कितने पोल गाड दिये ..और कहां कहां पर ....जिसको देखो उखाडने में लग जाता है , खोलने में भिड जाता है । अब तो पोल पे टंगी हुई लालटेन का घासलेट भी खत्म हो गया है ....होता भी कैसे नहीं ...खुदे लेट के सारा घास-चारा ...चर गए । वैसे खोला का पोल में ममता बेन ने .......आयं का कहे का .......रेल मंत्री के रूप में लालू जी बहुते झूठ बोले गलतबयानी किए । हा हा हा ......लो ई कौन पोल थी भाई ......ई तो सब खुली खुलाई बात थी .....ई मंत्री लोग जो भी बोलता है......सब गलतबयानी ही तो ........फ़िर ......

____________________________________________________________________


खबर :- भाजपा के सारथी बने रहेंगे आडवाणी

नज़र :- हां भई ...आखिर उनका रथ ड्राईविंग लाईसेंस लाईफ़ टाईम तक का बना है और उन्होंने कौन सा रथ को ब्लू लाईन बस की तरह चलाना है ....एक्सीडेंत भी कितना कम करते हैं बताईये और स्टौप पर भी बराबर ब्रेक मारते हैं ...अरे इत्ता बढिया रथ ड्राईवर अगर महाभारत के टाईम पे पांडवों को मिला होता तो वे तो हस्तिनापुर तो हस्तिनापुर .......लंका भी जीत लेते । लो तो इसमें कौन आश्चर्य की बात है ....आखिर धर्म वाले रथ पे निकलते तो इत्ता तो खींच ही ले जाते न । क्या कहा ...नहीं जाते ..मतलब वे जबसे ड्राईवर बने हैं रथ पंक्चर हो गया ....जब ठीक से चलता ही नहीं तो एक्सीडेंट क्या खाक करेगा ...सारी सवारियां भी धीरे धीरे उतर के जा रही हैं । अब न चलता इनसे रथ वथ ............।
_______________________________________________________________________________

खबर :- अल्पसंख्यकों को १५ फ़ीसदी आरक्षण देने की सिफ़ारिश

नज़र :- कितने सिफ़ारिशी टाईप के नेता हो यार तुम लोग जब देखो सिफ़ारिश ......जब देखो सिफ़ारिश ......मगर एक बात बताओ ....ये अल्पसंख्यक हैं कौन ......देखो अपना वही पुराना रटा रटाया राग मत गाना यार । तुम लोगों का डाटा भी एक दम पुराने विंडोस की तरह आके रुक गया है ...अबे भैया नया लेटेस्ट वर्जन अपडेट करो ....तब पता चलेगा कि अब तो ...;.बाबा लोग भी ...बहुसंख्यक हो गए हैं .....यार बाबा क्या ये जो कसाब , अफ़जल जैसे ....लोग थे जो पहले गिनेचुने थे ...सुना है कि अब वे भी थोक के भाव पनप गए हैं ......वो भी नहीं रहे अल्पसंख्यक ...। अबे तो बचा कौन ...इस आरक्षण के झुनझुने को बजाने और सुनने के लिए ......। इससे अच्छा तो तुम लोग यार नौकरी वौकरी का कुछ जुगाड कर देते ....अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक ...सब ट्राई मार लेते ॥
______________________________________________________________________________


खबर :- उत्तर प्रदेश में खतरे में बुजुर्गों की पेंशन

नज़र :- लो यहां बुजुर्ग खुद ही खतरे में पडे हुए हैं .......और चाहे उत्तम प्रदेश हो या ....कौनो और प्रदेश .....बुजुर्गों की हालत तो एक ही है भाई । फ़िर उत्तर प्रदेश मे तो जो भी बचा हुआ है थोडा बहुत बजट ...ऊ में या तो बहिन जी का हैप्पी बर्थ डे मनाया जाता है .....या फ़िर बहिन जी का हथिया सब का खुराक चलता होगा । अब ई के बाद जो बचता होगा ऊ में तनख्वाह ही मिल जाए तो गनीमत है ....पेंशन का कौन पूछे । हमको तो लगता है कि कहीं किसी दिन बहिन जी ई न कह दें कि जाओ बुजुर्ग सब को एक एक ठो हाथी दे दो । ऊ पर बैठ कर जब ऊ लोग सवारी करेंगे तो प्रदेश का छवि एकदम विदेश टाईप हो जाएगा ।
_______________________________________________________________________________