रविवार, 30 जून 2013

बात-बेबात की खबरें ............


खबरों में खबर की तलाश ...............


अगले एक महीने में केदारनाथ की यात्रा दोबारा शुरू हो जाएगी : कह रही राज्य सरकार ,
जो इस यात्रा से लौट कर वापस घर न पहुंचे ,पहले खत्म तो करिए उन आंखों का इंतज़ार
हुंह्ह्ह ! बात करते हैं
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घनघोर घोसना : एस एम एस से भारतीय रेलवे में आरक्षण सुविधा शुरू ,
अबे हप्प , एस एम एस से जब तक भेजने की योजना नहीं चालू , कुछ नहीं होगा गुरू ....
पर कॉल के हिसाब से बचवन आ रहा है न देश में , कपेसिटी त बहुत है न

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वाह कित्ती प्रजातांत्रिक खबर है , फ़िर से ए ए के अध्यक्ष बनना चाहते हैं कलमाडी ,
चाब्बास , जे होती है हिम्मत , अबे यूं ही नहीं करोडपति बन जाता ,कोई कबाडी ...
ममा अईसे नय न मानंगे
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सरकार ने चार धाम में मंदिरों के लिए कर दिया है 195 करोड रुपए का ऐलान ,
अच्छा किया हाकिम ,देवी देवता तो फ़िर तराश लेंगें ,कहां से लाओगे हमारे इंसान ,
हाय रे हाय नादान , हाय रे हाय भारत निर्माण
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सोना , डॉलर , पेट्रोल , मोदी , पप्पू , हाय अभी कुछ भी भेजे में जाने को नहीं है तैयार रे ,
जाने कितनी जोडी आंखों को तरस रही हैं कितनी जोडी आंखें , खतम नहीं हुआ इंतज़ार रे ,
हे ईश्वर .....तू उम्र भर का न यूं इतज़ार दे , या अब कर इस पार या करदे उस पार रे
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डॉलर के मुकाबले रुपैय्ये की गिर रही है , कीमत और सोना भी हुआ जाता है ढेर ,
कहां है बे इकोनोमिक्स वाले पप्पू पिरधान जी , इसपे हो जाए कोई गज़ल कोई शेर,
तेरी खामोशी , मेरी मदहोशी टाईप की फ़ीलींग वाली .......हायं
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बारिश ने रोके राहत कार्य के रास्ते ,
साधु भेष शैतान भी खडे , लूटने के वास्ते ........
इत आपदा/उत विपदा
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आपदा ,कहर बनके टूटी कयामत सी ,अमानवीयता ने इंसानियत को किया रे तार तार
वो ये कौन सी नस्ल है आदमियों की ,जिसने मरी हुई देहों संग भी कर दिया व्याभिचार........
छि: रे पिशाच , तेरी  हैवानगी पे धिक्कार ..थू है थू
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सनद रहे , और बराबर रहे कि , बेशक आज ये सच है, कोई इधर है तो कोई उधर है ,
जिन पे बीती ,कयामत सी बरपी ,वो भी थे हमारे ही जैसे ,हादसों में आज जिनकी खबर है
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अभी और होंगे खुलासे , अभी और देखना तुम तांडव और तमाशे ,
वो जो , सब देख के बै्ठे हैं , वे सोच के बैठे हैं ,कैसे कब कहां कितने बांटेंगे बताशे
मुआवज़ा .........
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देखिए जी अगर पिरधान जी इकोनोमिक्स वाले चुने हैं तो फ़िर तो उनका यही है कायदा,
पानी मिट्टी में टूटे डूबे हुए प्रजाजनों के दर्द का वो हवा में ही उडकर ले लेते हैं जायज़ा ,
कोई शक ????
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शनिवार, 22 जून 2013

रद्दी खबरें ...........................




अब तो जब भी बोलेगी , यूं ही अब तुनक कर ये धरती बोलेगी ,
रूह फ़ना हो जाएगी इंसान की ,जो इस कदर धरा ये मरती बोलेगी ..........
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कुछ तो खेल है नसीबों का , इंसान और धरती के इस कशमकश के रिश्तों में ,
इंसान भी कतरा कतरा सहे गम का धरती भी झेल रही महाप्रलय को किश्तों में
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जब रोज़ अब दस्तक देती है कयामत खुद अलग अलग शक्लों में ,
फ़िर तुमने कयामत की एक तारीख क्यों मुकर्रर की थी कभी
.
वाह रे तरक्की तेरी इंसान मेरे , सुना है तेरे हौसले अब आसमान झुका रहे हैं ,
ये अलग बात है कि मैदानों के सुकून की बहुत बडी कीमत पहाड चुका रहे हैं
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हाय गांधी जी , अमां खुद देख लो ,
क्या क्या न कर करा गए लोकतंतर के वो तुम्हारे तीन बंदर ,
हादसों से जूझने का सबब भी सीख न पाया देस,
साठ बरस में ,हर बार बस एक हेल्प लाइन नंबर .
मिल भी जाए तो कयामत न मिले तो कयामत................
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गजब है गोरमिंट हमारी क्या कहिए , रिटायमेंट एट सिक्स्टी , अईसा कुछ था कल को बोला ,
कमाल देखिए खुद अपना मुनिस्टर पोस्ट के लिए चुनी है कुल 86 बरस के श्री शीश राम ओला

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ऐ सुनो बे हमारे तेवरों से किसी मुगालते में न रहना ,हम जनता हैं विशुद्ध जनता,
हम यूं तो बने बनाए जा रहे हैं बरसों से ,साला किसी से भी अपना कुछ नहीं बनता
हाय रे जुलुम ट्रेज्जेड्डी
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नेटवर्किंग पर बेस्ड , ये साले रिश्ते भी एकदम्म , सेलुलर हो गए ,
वो पेंडुलम की तरह डोलना जानते हैं , सुना है अबके सेकुलर हो गए
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नौटंकी-ए-इलेक्सन शुरू : जदयू ने भाजपा से १७ साल पुराना रिश्ता तोडा ,
चलो भईया चाचा भानुमत फ़िर जोडेंगे , कहीं का ईंट और कहीं का रोडा

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हमें खुद पे होने लगी है कोफ़्त इतनी , हाय! इतना साथ हमारे रहते हो ,
अबे हाकिम हो हकीम हमारे ,खुशी दर्द हम खुद झेलें , तुम दांत चियारे रहते हो
.

साले ! दुई रुपैय्या लेते चपरासी आ बाबू धरा गया तो पूरा देस को घूसखोर घोसित कर देते हो आ ई महाजन लोग रोजिन्ना करोड अरब खरब आ पता नय केतना माल समेट लसेट रहा है त साला कोईयो हल्ला नहीं ,अपना गोल भवन में चिचिया चिचिया के सब माल आ सवाल गोल कर दे रहे हो बेट्टा , पिछला साठ बरस से साले इहे सिस्टम को रिफ़ाइन किए जा रहे बे
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नवीन जिंदल ने दी दो करोड पच्चीस लाख की घूस ,अईसा कह रही है सीबीआई तो इसमें बताने का कौन बात है बे ,जाकर पकडो फ़ौरन टेंटुआ, अंदर करो रे भाई
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वो जो मना रहे हैं जश्न किसी के टूटने , रूठने और डूबने से ,
वो हाथ फ़िर मजबूत हो रहे हैं ,जो बाज़ नहीं आते हैं लूटने से ..
दिस इज्ज द सच्चा लोकतंतर जी ...ओहो नॉट टुच्चा , लुच्चा भी नहीं ..इट इज़ सच्चा ...अरे सच्चा बोले तो टिरू जी
.
हाय हाय उफ़्फ़ हट्ट हुर्रर्रर्रर्र , चहुंओर शोर शोर , मान गए मान गए ,
अबे रूठने पे हंगामा ,मानने पर भी , हमें लगा लो वो फ़िर पाकिस्तान गए
.

बीजेपी के कपडफ़ुट्टौवैल चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस का भी होना मंगता है एक ठो , एजेंडा खाली इहे रहना चाहिए कि ..बस बहुत हुआ अब "हाथ" के जगह पर "हाथ की सफ़ाई" के नाम तले आगे राज किया जाएगा ..ई बकलोलहा लोकतंतर पे

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सिचुएसन तो बस समझिए कि गुड-गोबर है , गुड साला कब गोबर हो जाए कहा नहीं जा सकता और गोबर को तो ससुरा गुड समझ के चाटिए न रहे हैं अभी
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जय हो ! मन्नुआ आ चिद्दुआ मिल के घटोला में, रजवा को दिया लपेट ,
टोटल माल ऊ सब खाया ,आ चक्कू मार के फ़ोड दिया रज्जा जी का पेट ,
सो धरा गए , बुडबक कहींके , राजा नामे रखने से थोडिए न कुछ हो जाता है , इकनोमिक्स पढे होते त कुछ बात होती

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2013

पुरस्कारों की चर्चा :गोलगप्पे वडा पाव की तरह


टटका खबर छांटते हुए



वो कर रहे हैं चर्चा बॉब्स ब्लॉग पुरस्कारों की , गोया, आम चुनाव की तरह ,
बहार आ गई ब्लॉगिंग की , चल रहे हैं चटकारे ,गोलगप्पे बडा पाव की तरह
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जेपीसी ने दी क्लीन चिट कहा :स्पेक्ट्रम घोटाले में पीएम व चिदंबरम पाक साफ़,
दुर साला ई तो ठीके हुआ अगर दोषी भी साबित होते तो काटजू कहते कर दो माफ़
ई ट्वेंटी ट्वेंटी टाईप से फ़िक्सिंग वाला है इंसाफ़ :)
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दुम दबा के भागा जनरल कोर्ट से , अईसी तगडी पडी ,पिछवाडे पे लात ,
पाकिस्तान का कुतवा निकला निकम्मा इत्ता , न घर मिला ना घाट ,
फ़िर से बोलो ..तारारारा . हो बोलो तारारारा
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लीजीए और सुनिए , देखिए आतंकी घटनाओं पर मंत्रीजी के बोलने का कायदा ,
कह रहे हैं , शकील अहमद ,इस बम फ़ूटने से जरूर ही होगा भाजपा को फ़ायदा ,
हे प्रभु एक बम इनके घर भी फ़ुडवा दो , और तनिक कांग्रेस को भी फ़ायदा करवा दो ...हद है जी हद है
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पडोसी देश की कोरट ने धमकाया तो पूर्व राष्ट्रपति भाग लिए ,हुई जान की आफ़त,
इधर अपनी वाली ने मुन्नाभाई को एमबीबीएस से एमडी बनने की दे दी राहत ,
बोलो तारारारा ...हो बोलो तारा रारा :)
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बंगलूर विस्फ़ोट , चार विशेष टीमें गठित , पांच लाख के इनाम की घोषणा,
बस फ़िलहाल इत्ता ही , इसके आगे की बात , अगले विस्फ़ोट के बाद सोचना ,
सरकार फ़ुल डेडिकेसन से अपना डिकलेरेसन कर दी है , कोई शक
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खबरदार हो जाओ अब भी , चेता रही है धरती कि जब भी वो यूं बगावत करेगी ,
कोई मौका कोई रास्ता , तलाशे नहीं मिलेगा , कहर बरपा के कयामत करेगी ,
कुछ इंसानी बस्तियां , फ़िर जमींदोज़ हो गई आज
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जो हमसे  है वजूद तुम्हारा तो हुकूमत बघारने से पहले हमसे इज़ाज़त लिया करो
फ़िर जब भरते हैं हुंकार ,तो तिलमिला कर कहते हो ,न तुम बगावत किया करो,
बताओ करें तो क्या करें ????
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अवाम ने अभी तय नहीं किया किसे सौंपेंगे अबकि सत्ता की कमान बे ,
तुम ससुरों रोज़ उछालो , प्रधानमंत्री के लिए एक नया नाम बे ,
और नहीं बचा है क्या कोई काम धाम बे
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कहीं आंधियों के चलने की , और कहीं बारिश की बौछारों की खबर है ,
यहां तो खामोश बैठी है देहरी पे ,शाम मेरी , जाने ये कौन सा शहर है ,
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सुनो बे ! फ़ायनल करो यार , या चीखो नहीं कि , इंसाफ़ करो , इंसाफ़ करो ,
और जब मिलती है तो भुगतने का जिगरा रखो , न कहो-कहलवाओ ,माफ़ करो
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चोट करने को ,चोट खाने को ,हर कोई , तैयार खडा है ,
बस देखना ये ,किनके हाथ कंकड ,किनके लगा ,पत्थर बडा है
मुद्दतों से यही सवाल , अपने खोपडे में अडा है
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मुत्तर वाली अपनी घनघोर टीप से आहत अजित पवार अब कर रहे हैं उपवास ,
पूरा हो जाए बता देना ,गोबर ही तो करते हैं ,व्रत तोडने के लिए भिजवा देंगे घास ,
अईसन ही है तो फ़िर तब काहे नय सोचते जब करते हो बकवास :)
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टटका समाचार ,शरद पवार :कांग्रेस भी घोषित करे अपना पीएम का उम्मीदवार,
फ़ौरन कर डालो ,अब तक डेढ सौ नाम हो चुके हैं घोषित , तुम भी कर लो यार,
चाहे बने किसी की कैसी भी सरकार , प्रधानमंत्री टोटल हों एक हज़ार ..कित्ता बडा लोकतंतर हो जाएगा अपना :)
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आज का समाचार : कंग्रेस ने टाइटलर के मामले से पल्ला झाडा ,
अबे अब काहे का झाड पोछ बे ,जब पहिले ही कर दिए सब कबाडा,
ओहो बिटवा ई आईसन इसलिए बकिया रहे हो कि बज गया है चुनावी नगाडा ..
समझे .........जी समझे
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सीरी जगदीश जी टाइटलर: राजनीति छोड दूंगा , यदि साबित हो गए आरोप,
हाय हाय ये क्या कह डाला ,पोलटिस सबजेक्ट ही ऐसा , कित्ता वाइड है स्कोप,
आप राजनीति छोडिए , साबित हो जाएगा फ़ट्ट से , हमें तो है ये होप :)
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दिल्ली के कुल तैंतीस निजि अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन हो गया रद्द ,
आयं खाली तैंतीस का ही,टोटल का कर दो ,ससुरे खाली कमा रहे, लद्दमलद्द,
बेशर्मी , बेइमानी आ बदइंतज़ामी का तो पार कर गए हद्द ,
आए दिन मरीजन आ डाक्टरन में होती रहती गद्दम गद्द :)
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सी एम , सीला मौसी : अब दिल्ली में हर दो महीने बाद पानी का बिल आएगा,
और ज्यादा खुश मत हो जाना जी , महीने में दो बार ही पानी भी मिल जाएगा,
एक नहाने के लिए और दूसरी बार धोने के लिए ..पीने के लिए ..उंह्ह्ह ठेका का ठेका दिया जा रहा है न एकदम थोक के भाव से , तब क्या चिंता है जी :)
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मोदी की तुलना राहुल गांधी से न हो : सीरी सीरी दिग्विजय सिंह
:) :) :) :) चुटकुला खत्म हुआ , अब आप हंस सकते हैं :) :) :)
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गुरुवार, 28 मार्च 2013

टटका खबर हाजिर है सीरीमान






सर्किट उर्फ़ जोली एलएलबी को उकील बनने में इत्ते साल गए कि तब तक मुन्ना भाई धल्ल लिए गए ऊ भी एकदम फ़ाइनल पेपर में ही :)

काटजू साहब का धांसू दलील देख कर ई उम्मीद जताई जा रही है कि जोली एलएलबी का सीक्वेल में अरसदवा का रोल छिना जाएगा , बोमनवा काटजू साहब के आगे कहां टिकेगा

टू जी फ़ेम रज्जा जी ,पूछ रहे हाकिम से ,अमां घोटाले में खाली हमरी काहे है खता ,
ई जो गब्दी मार बईठल हैं दादा मुखर्जी आ पिरधान जी प्यारे इनको सब था पता,
बता बता बता जोगीरा जो भी तुझको पता , तू सब कुछ तो बता

भारत ने टेस्ट सीरीज़ में 4-0 , से रौंदा, ऑस्ट्रेलिया का कर दिया सफ़ाया ,
चुप्पो रहो बे , अभिए एक मैच हारेगा ,लगोगे गरियाने , हार रे क्रिकेट की माया
जोगीरासारारा सारारारारारा

बोले हैं मुनिस्टर सलाम खुर्शीद : सोशल मीडिया पर लगाना लगाम है जरूरी ,
अरे पहिले पिरधान जी पर लगा लगाम हटाइए , सबसे ज्यादा ई काम है जरूरी ,
ओइसे ऊ भी सोशल साइट पर हैं ....मुदा इधरो म्यूटे हैं जी :)

अब दिग्विजय सिंह ने भी की संजय दत्त को माफ़ी दे देने की वकालत ,
चाब्बास रे ,अबे जब तुमही लोग जजमेंट सुनाय रहे हो तो फ़िर बंद करो अदालत
अबी सीरीयसली बोले हो कि उहे ....बकवास की आदत :)

विश्व आर्थिक मंच ने अभी अभी घोषणा की है कि , अबकि होली पे भारत के पिरधान जी का "डाक्टर आफ़ अर्थशास्त्र "का उपाधि को "डाक्टर आफ़ अनर्थशास्त्र " का उपाधि के रूप में renewal किया जाएगा ...का हो पीएम ...मूड चकाचक न :)

ऐ हो ! ई ससुरी सरकार , खाने -पीने , ओढने पहिरने , आने जाने ,बोलने बतियाने ,, पढने देखने , रोने गाने , आ लगभग टोटल क्रिया पे टैक्स टैक्स बोल के अपना मोटका हिस्सा ससार, माने के टपा, लेती है ...का तो सरकारी खजाना कह कह के , फ़िर उस खजाने को अपना बाप का माल समझ के साला अनगिनत सुन्ना ..बोले तो जीरो जी , लगा के बनाया हुआ रकम के बराबर , घटोला घपला का नयका रिकार्ड बनाते जाता है ..आ फ़िर बजट के टेम पे कहता है ..एतना घाटा ओतना घाटा ....ई मैथ का कौन इक्वेशन है हो ????

ले लोट्टा , सिलेमा बनाते बनाते , बूट लादने चले गए , अपने संजू बाबा ,
मगर घबराने का कोई जरूरत नय है , जल्दी ही जेल में खोलेंगे सल्लू जी भी ढाबा

ई काटजू साहेब जौन टाईप से संजू बबा के फ़ेवर में दे रहे हैं तर्क और बयान ,
अमां कहीं मुन्नाभाई का सीक्वेल में बोमन ईरानी का रोल तो नहीं पाए हैं सीरीमान
पता करो बे , का पता बुढाडी में फ़िल्लिम उल्लिम करने का चक्कर में हों :)


लडकी का पीछा करने पर , नए कानून के तहत किया गया युवक को गिरफ़्तार ,
जियोह्ह बेट्टा , फ़िर ई हिसाब से तो कांडा जईसन को तो फ़ौरन गोली दो मार ,
अबे ई हिसाब से कंडवा के कांड का इहे सज़ा मुकर्रर किया जाना चाहिए बे :)

माननीय लोग के कनपट्टे की नीचे सटा के मारिए , बारी बारी ,
आ उसके नीचे सूचना लगाइए , जनता जनार्दन द्वारा जनहित में जारी ,

:)

18 साल ही होगी सहमति से संबंध बनाने की उम्र ,आखिरकार झुक गई सरकार ,
ई तो शुरूआत है बे , अब सारे झोलझाल कानून के, मिटाएगी खुद जनता दरबार,
जो सब पढ लिख जाएं इस देस में बस एक बार

तूफ़ां का आगाज़ करो ,शहर के हर मकान से इक बगावत की हवा उठा दो यारों ,
या मिटने को तैयार रहो खुद और अगली नस्लें ,या अब इन्हें ही मिटा दो यारों ,
अपने अपने हिस्से का अब जोर लगा दो यारों .....

उजली छतों की काली टंकियां , अब सफ़ेद और हरी दिखने लगी हैं ,
अमां सुना है अपनी गली में भी , अब बिसलरी की केन बिकने लगी है :)

बुधवार, 29 अगस्त 2012

आगे आगे देखिए "कोयले " पर मुशायरा-कव्वाली होगी






कुछ कुछ , अब समझ में आ रहा है क्यूं है अपने देश का ऐसा रे ये हाल ,
सवा अरब जनसंख्या एक बाबा एक अन्ना एक किरण और एक ही केजरीवाल ,


सोचिए कि दस बीस , पचास ,सौ ,हज़ार और हो जाएं जो लाख ,
घेर घेर के अईसा कूटें , मु्ट्ठी भर माननीय , मिनटों में हो जाएं खाक :)


अभी कितने दिन होंगे और काले ,इस कोयले से, जाने कितनी रातें काली होंगी
अमां अभी तो शेर पढा है बस आगे देखिए कोयले पर मुशायरा -कव्वाली होगी ,
इरशाद इरशाद ..नहीं हुज़ूर ..बर्बाद बर्बाद कहिए


हज़ारों सवालों से अच्छी है मेरी खामोशी , न जाने कितने सवालों की आबरू रखी,
अमां छोडो ये शायरी ,बस ये बताओ , किसने कित्ती ये काली काली मलाई चखी


पिछले दिनों तुमने पानी के न होने मिलने ,का शोर खूब था मचाया ,
अब जब बरस रही है अमृत की बूंदें , तो बताओ कितना पानी बचाया,


देख बहस जोरदार , चुप्पे से किहिस ईशारा , पिरधान जी को इटली की चच्ची,
फ़ौरन डकार मार के बोले पिरधान , हटो बे , इत्ते जवाबों से तो खामोशी अच्छी ,
हाय सच्ची मुच्ची , इक लुच्चा इक लुच्ची :)


रगड के कोयला मुंह पर सियासत के नुमाइंदे अपनी अपनी झोली भर रहे हैं ,
अजब तमाशा देखो रे भाई ,घोटालों के जवाब में प्रधान जी शायरी कर रहे हैं,
इत्ता ध्यान इकोनोमिक्स में लगाया जो होता तो यूं शायरी गज़ल की नौबत ही न आती जी


अमां अभी अभी ये खबर पढी , क्या आपने भी ऐसा कुछ सुना ,
महाराष्ट्र में , महिलाओं ने मंतरीजी को चप्पल जूतों से धुना ,,
हुन हुन हुना रे हुन हुन हुना :) :) :)


मनमोहन सिंह का शेर(गीदड) :हज़ारों जवाब से अच्छी है मेरी खामोशी ,
अमां तो गोया फ़िर ये भी बतला दो , ये ईमानदारी है या तुम्हारी बेहोशी,
इत्ता बडका इंजेक्शन काहे भोंकवा लिए ईथर का , कि संसद में अब शेर बकरी पढना पड रहा है हो पिरधान जी


दिल्ली का इक अखबार है , जिसका नाम लोग रखे हैं " नेशनल दुनिया "
खबर देख के ही कोई भी भांप जाए , बजावे रोजिन्ना सरकार का हरमुनिया,
ई सब अखबार को भी दरबार बना दिया है सरबा सब , एक्के सुर , एक्के राग ....चापलूसी वाला धरईले रहता है ..अबे धत बे ।


बोले हैं पवन बंसल : संसद में बहस से भाजपा रही है डर,
चाब्बास , अबे कोई भी डरेगा शूरवीरों , तुमने कांड दिया है ऐसा कर ,
अपना घर को लिया रे भर , कोयले से मुंह को काला कर


विमान खरीद सौदा जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है सरकार ,
हां बे ,कमीशन होगा मोटा सोटा ,खाने को , सब होंगे न तैयार ,
खरीदो खरीदो , फ़िर बताना कि कितना घपला घोटाला हुआ है :)


ज़रदारी चाहते हैं मनमोहन इसी साल उनके यहां इस्लामाबाद आएं ,
इसी साल ,अबे इसी महीने इसी पल , यहां तो फ़ालतू हैं , जब चाहे ले जाएं,
आ वहीं रखें , अपनी अर्थव्यवस्था का पोस्टमार्टम भी करवाएं , काहे से कि मर तो ऊ कबकी गई है ।


सियासत वालों लगा दो बंदिशें ,पाबंदियां, उन सब पर जो भी तुम्हारे बस में है ,
पर सोच पर कैसे जडोगे ताले ,रोक लो ,उस बगावत को जो हमारे नस नस में है


रेल में मिलेगा लज़ीज़ खाना , रेलमंत्री ने महाप्रबंधकों को बैठक में दिया निर्देश ,
आ नहीं मिले जो अईसा खाना तो इहे मंतरी जी के मुंह में माचिस दीजीएगा लेस
धधरा मार के फ़ुंक जाएं जिससे , लजीज़ खाना परोसने वाले


घिरी हरियाणा सरकार , विधानसभा में हुआ कांडा पर हंगामा ,
अबे पकड के काट लो , और बंद करो परमानेंटली ई डिरामा ,
काट लो माने कंडवा का मूडी काट लो ...आप भी उहे समझे न :) :)


कांग्रेस ने विपक्ष को दे दी चुनौती , तो फ़िर ले कर आएं अविश्वास प्रस्ताव ,
अबे भागो बे , घबराए बैठे हो , सिर्फ़ मुठ्ठी भर लोगों ने जो कर दिया घेराव ,
सोच लो क्या होगा जो सचमुच ही अवाम ने भर के हुंकार दिखाया अपना ताव,
ये समंदर का तूफ़ान है प्यारी , कैसे अब बचेगी तुम्हारी छेदों से भरी नाव ..
बरसों तक तुम देते रहे जो घाव , अब बहुत पडने वाली है बेभाव


संसद को कर परमानेंटली टर्मिनेट , आ सांसदों को फ़ौरन ही कर दो रे सस्पेंड,
साठ साल की बुढिया , थकेली , पकेली सी , हा लोकतंत्रवा हो गया सेकेंड हैंड,
ऊ होता है न तेरी ऐंड जबानी , तेरी बैंड जबानी , आ सकेंड हैंड जबानी टाईप से


प्रधान मंत्री के इस्तीफ़े तक भाजपा रखेगी संसद को पूरी तरह से ठप्प ,
अबे जब चलती रहती है तभिए कौन तीर मारती है , अबे हप्प हप्प हप्प ,


अरविंद केजरीवाल को नहीं मिली पीएम आवास के घेराव की इज़ाज़त ,
अबे दफ़ा करो , बुलंद रहो , बगावत की परमीसन कब देती है सियासत,
तेल लेने गई इजाजत , तुम करते रहो बगावत


बारिश की एक धार ने फ़िर थाम दी दिल्ली की रफ़्तार ,
धत! न हो तो मारते हो चित्कार आ दुई बूंद की बरखा से मच जाता हाहाकार,
अबे ई तुम्हरा सिस्टम है बेकार , पडने दो जितनी पडती है बौछार


प्रोन्नति में कोटे का प्रस्ताव गलत :अटॉर्नी जनरल से सरकार को चेताया ,
ई तो पता है सबको ,मंडल जी का कमंडल कौन फ़ोडे , सब है वोट बैंक की माया ,
काहे बार बार दोहराते हो यही बात रे भाया , नहीं जाएगा हटाया


हमें खामोश बैठे देख , गलती से , सियासत तुम ये न समझ बैठो ,
है जो हिम्मत तो डाल आंखों में हमारी आंखें , कभी हमसे उलझ बैठो,


सियासत मगरूर हो कितनी , हमें बंदिशों का डर नहीं लगता ,
कि किसी के जीने मरने से कभी भी कोई सच मर नहीं सकता,


फ़िर एक बार ,कोयले की काली पडी छाया , संसद धधकने लगी है ,
फ़ुंक जाने दो ,अस्थियां प्रवाहित करने को , जनता की बाहें फ़डकने लगी हैं :)
धधक जाने दो जी , हम लोग तो कब से एक एक बोतल पेटरोल का अनुदान करने को तैयार बईठल हैं जी


बेनतीजा रही बैठक , आरक्षण पर मुलायम हो गए कठोर ,
अबे पचास साल से एक्के सिनेमा बे , आरक्षण से हो गए रे बोर ,


संसद ठप, प्रधानमंत्री राज़ी , विपक्ष अडा , मचा कोयले पर कोहराम ,
बाह बेट्टा , हर बार कोई बहाने से काम के समय मार लेते हो आराम ,


भारी शोरगुल के बीच ,कैग पर गूंज उठी फ़िर से संसद की दीवारें ,
अमां जनता की तो बस एक है इच्छा , माननीय, फ़ौरन नर्क सिधारें ,
या कहें तो एक बार जनता के बीच पधारें , सब सोच के हैं बैठे , आओ बेटा ,ईलाज भी न हो सकेगा , बकि ऐसी जगह पे मारें :) :)


इकोनोमिक्स का पिरधान जी और उनकी मंडली ,कर के छोडेंगे देश को बर्बाद
महंगाई बढने से सबको फ़ायदा होता है , बक रहे हैं मंतरी ,बेनी जी परसाद,
लगता है इनको बुद्धि का परसाद नय मिल पाया , तभिए अकबकाए से हुए हैं


जब जब सियासत के उतरते हैं कपडे और कुछ सफ़ेदपोश नंगे होते हैं ,
अक्सर उस आग का रुख मोड देते हैं , तब सुना है ,शहर में दंगे होते हैं


सियासत तु्झपे , तेरी हरकतों सा ऐतबार है , तेरे इरादे कुटिल लगते हैं,
नियम कायदे और कानून हमीं पर लागू , और हमीं को जटिल लगते हैं ,

खबर है कि रुपए ,30000000000000/-मात्र, सरकार ने हैं डुबोए ,
और हम यहां , हो रहा भारत निर्माण का रिकार्ड बजा बजा के सोए,
कसम है उसे जो अब भी सरकार का ...........धोए


जो करतूतों के लिए किया जाए केस तुम पर , बिक जाएगा घर का बर्तन भांडा ,
साले यही एक कसर बची थी , अब कर रहे हो पूरी , बनके तिवारी और कांडा ,
कसम बना के हीरो हांडा , तुमको इतना मारें डांडा ......कि टूट जाए तुम्हारा ....जो लीजीए जो फ़िट होता हो


असम में फ़ैली हिंसा और अफ़वाह को थामने के लिए केंद्र ने लगाया जोर ,
नहीं हमें शक नहीं पूरा यकीन है कि सियासत कह रही होगी , वन्स मोर ,वन्स मोर
अबे फ़ितरत से वाकिफ़ हैं न हम तुम्हारे सत्ता वालों


अमां सुना है इस शहर की हालत इतनी खस्ता है , बस यूं हो रही तबाह ,
साला ,सैकडों बेकसूरों को लील जा रही है अब भी , बस एक निरी अफ़वाह,
वाह रे दुनिया वाह , खुद ही खुद को कहला रही , आह !!!!


राष्ट्र के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने किया अन्ना और बाबा पर प्रहार,
"पति" पगलेट होते थे कभी पत्नियों के , अब तो राष्ट्र के भी मेंटल मिले हैं यार ,
झेलिए हो इनका भी ..गंडोगोल कोथा ...दादा की बोलतेन आपनी


सोचिए कि यूं आजकल लोग फ़ाकाकाशी का किस तरह अब फ़िकरा नहीं करते ,
कुछ तो बात है , यूं बात बात पर , शहरों के लोग सडक पर उतरा नहीं करते ...
वो भी अपनी दिहाडी छोडछाड कर ..ये जिगरे की बात है , हर किसी के बस की नहीं

मंगलवार, 31 जुलाई 2012

बगावत कब रही है किसी कैमरे की मोहताज़






ये बारूद सुलगता रहा है बरसों से ,धधक उठा है शहर इसीलिए तो आज
ये तुम्हारी गलतफ़हमी है ,बगावत कब रही है किसी कैमरे की मोहताज़,
(हम खबर हैं तुम खबरनवीस हो , हम बीस हैं और तुम उन्नीस हो , समझे कि नाहीं)


जो अन्ना ने रखा है अनशन तो हमारा भी है रोज़ा बोले खुर्शीद जी सलमान,
का बात है , तनिक यही सब , जनता के बीच पहुंच कर बोलो न सीरीमान ,
(जनता अईसे समेटेगी तुम्हरी दुकान , सहलाते रहोगे गाल और कान)


ल्यो ये ससुरे हमें भविष्य की महाशक्ति बन जाने के सपने दिखाते रहे ,
सुना है पिछले दिनों , आधे देश के लोग घरों में मोमबत्ती जलाते रहे ,
(अबे अईसी खबर आई कि , पावर हाउस का किडनी फ़ेल हो गया बे ..)


बहुत गंभीर जो हुआ है पिराबलेम , तो फ़टाफ़ट अईसन फ़िर करे ये सरकार
फ़ौरन बोले सुनीता विलियम्स को कि ,अंतरिक्ष से एक ठो फ़ेंक दे रे तार ,
(फ़टाक से सटा के या लगा के नोक्सी , बिजली बहाल कर लो न यार )


फ़हरा उठा तिरंगा आज खेल समर में,और राष्ट्रगान से गूंज उठा लंदन ,
धमक उठी जो धायं धायं ,लगी निशाने पर गगन की चली रे ऐसी गन ,
(हो गया मनवा रे मगन , डोले फ़िरे फ़िरे प्रसन्न)


ये वो आग नहीं है सियासत वालों , जो सत्ता के गलियारों में लगती है ,
ये जलती है हमारे सीने में जब , तो हर सडक और दीवारों में लगती है,
(बेट्टा उखाड डालेगी तुम्हारी चूलें अबकि ,ये वो भीड नहीं जो बाज़ारों में लगती है ,)


सुना है वो खुश हैं कि उनकी मैय्यत पे कुछ लोग कम आए हैं ,
हा हा हा गफ़लत न पालो मियां , तुम्हें फ़ूंकने खुद हम आए हैं
(तब तक गिनते रहो उन्हीं उंगलियों पे , जिनसे तुमने सितम ढाए हैं)


कुछ लोग जो जनांदोलनों से ज्यादा मुद्दा उठाने वालों पर उंगली हैं उठाए,
वो जो जिन्हें तमाशा कह रहे हैं , दम हो तो ज़रा खुद कर के दिखाएं ,
(अजी और क्या उन्हें समझाएं ,जो बस बैठ के यूं ही बौखलाएं)


यूं तो बादल भोर से ही पूरे आसमान को काला किए ,उसे घेर के बैठे हैं ,
ये अलग बात है कि इंद्रप्रस्थ से खुद इंद्रदेव ही रुठे रूठे और ऐठें हैं ...


विदेश मंत्री एस एम कृष्णा : जिंदाल पर मांगेंगे पाक से जवाब ,
दो भाई जवाब दो , खिलाएं जिंदलवा को कौन सा बिरयानी और कवाब ,
(छी छी छी , अबे केतना साला कंडीसन हुआ खराब , करते रहो यही हिसाब किताब , अब तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो जनाब)


कद्दू सोचते हो सोचने वालों , चिचिया रहे हो , अनशन में भीड बहुत है कम
मुटठी भर ही हो तो क्या , बस ये बता दो , क्या मुद्दे में नहीं है कोई दम ,
(जो है तो फ़िर बंद करो ये खटराग का सरगम)


अस्सी के दशक के आंकडे से सरकार खोज रही है काला धन ,
हा हा हा सरकारे खोज रही है , फ़िर तो घंटा मिलेगा टन टना टन ,
(जितना था सब धो पोंछ के कर दिहिस है पहिले ही डन डना डन)


जब से घोसित हो गए ,बाप उनके , माननीय जी एन डी तिवारी ,
अमां , सुने हैं कुल सवा सौ लोग भी कर रहे हैं दावे की तैयारी ,
(जल्दी ही एक ठो नया दल खडा करेंगे "टिवारी पुत्तर पालटी "..परचम लहरा जाएगा उनका)


कोर्ट : सुरेश कलमाडी कर देंगे लंदन में जाकर देश को शर्मिंदा ,
जे प्राब्लम देश की , अगले को क्या वो बेशर्म, है न कमाल का बंदा,
(हाय चोखो चोखो धंदा , अच्छा हो या गंदा :) :)


राष्ट्रपति : हमें भ्रष्टाचार ,आतंक और गरीबी को हर हाल में मिटाना होगा ,
अच्छा , फ़िर तो इसके लिए कम से कम 100 देश घूमने जाना होगा ,
(आखिर रिकार्ड बनते ही इसलिए हैं कि तोडे जाएं ..सबकी प्रतिभाएं अलग ना होती हैं जी :)


सतियानास हो बदरा तोहर , जब तब घिर घिर के आ जाते हो
जाओ बरसो जहां बरसते रहते , हमें काहे रोज मुंह चिढाते हो ,


पवार अडे , प्रधानमंत्री के भोज का साथियों सहित किया बहिष्कार ,
इहं साला बहिष्कार भोज का , अबे डिनर में क्या अमृत बंटा था यार ,
(ठूसम ठूस खाते ही होगे , उनका न सही किसी और का सही)


गृहमंत्री : जुंदाल की पक्की सुरक्षा व्यवस्था करे महाराष्ट्र सरकार ,
हां हां क्यों नहीं , आखिर महाराष्ट्र पर ही तो उन्होंने किया था न उपकार ,
(अबे थू है साला इस नंपुंसकता टाइप बिहेव करने वाला सिस्टम पर बे ...)


प्रतिभा पाटिल ने जाते जाते , चुनाव सुधारों पर जोर दिया ,
अबे वैसे क्या रायता फ़ैला था , ये क्या जाते जाते छोड दिया ....
(ऊ जईसे लोग सिलेमा का आखिरी सीन या आजकल गाना सुनाते हुए निकलता है न हॉल से ..ओइसे ही टाईप से ..जोर दिया गया है एकदम चना जोर गरम इश्टाईल में :)

प्रतिभा को दी गई आज , अश्रूपूर्ण भावभीनी विदाई ,
ये तो बता दो जाते जाते , चाची कित्ते देश घूम के आई ,
(कईयों ने आरटीआई भी लगाई , पर हाय आपने फ़िर भी बात छुपाई)


अफ़ज़ल की फ़ांसी के सवाल पर प्रणब अभी बिल्कुल रहे खामोश ,
इ का बोलेंगे ,जब ससुरे पूरे सिस्टम को सुंघा के ईथर किया हुआ है बेहोश ,
(बहुत गहरा है इसके पीछे का राज़ ,अभी बरसों बीत जाएंगे , काहे परेशान हो गए आज)


बुधवार, 18 जुलाई 2012

ई की गोंडोगोल होच्चे रे बाबा :-)







मुझे इसपर अचंभा नहीं कि , तुम किसका कितना रोज़ लूट जाते हो
तुम्हारी फ़ितरत है ये तो , हद तो ये ,हर बार जमानत पे छूट जाते हो ,



आम आदमी की थाली से सब्जियां हुईं गायब , दोगुने हो गए हैं दाम ,
तो का हुआ बे , चचा पिरधान पराठे हैं खाते , पिज़्ज़ा खाती हैं मादाम,
(तुम लोग ठेल के खाओ आम , बाद में चाहे हो जाए राम नाम)


मनमोहन के बचाव में उतरी कांग्रेस : शानदार नेतृत्वकर्ता बताया ,
का बात है , अबे इनको कोई ऊ अमरीका का मैगजीनवा काहे नहीं पढाया,
(भेजो रे एक एक कॉपी इनको , सबको कंपलसरी करो पढना , सानदार , जानदार , ईमानदार , और पता नय कौन कौन दार)


मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस का अभूतपूर्व हंगामा ,
घंटा अभूतपूर्व , अबे अब तो ई रोजिन्ना का साला हो गया है डिरामा ,
(अभूतपूर्व त अईसे लगाता है सब जैसे , नोबेल पुरस्कार जीतिस है भाई लोग)


सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग खतरनाक :हो सकता है मधुमेह ,
थोबडे की लीपापोती तो ठीक है पर , न खोखली हो जाए देह ,
(अईसा एक ठो अखबार कह रहा है , तो कल से बंद ,...अरे लाली , कजरा नय जी ...अखबार बंद ,आईसा कुछ लेडिस बोलीं प्रतिक्रिया स्वरूप)


प्रवर समिति : लोकपाल पर सभी सुझावों के बाद ही दी जाएगी कोई रिपोर्ट,
और ऐसा जब होगा तब होगा , तब तक सारे मंत्री नेता खूब बटोरें नोट ,
(बीच बीच में चाहे , जेल में भी कर आएं लोटमलोट)


पांच साल बाद भारत-पाक में खेली जाएगी क्रिकेट की सीरीज़ ,
मंसूबे इरादे हरकतें देख कर भी है ये हाल तुम्हारा , सालों हो बडे गलीज़ ,
(उनका एक ही मकसद आतंक , जब भी वे पार करें देश की दहलीज़ , होश में आओ कमज़र्फ़ों)


जो कमाए करोडों अरबों हाथों ने , बंद हैं, बस कुछ मुट्ठियों में वो पैसे ,
हमें मालूम है ,तू है अब भी , इंसाफ़ के तराज़ू , मगर करें तेरा यकीं कैसे


कहे हैं अंकल ओबामा : बाहर ने नहीं होगा काश्मीर मुद्दे का समाधान ,
धन्य भाग बता दिए , ई हमारे वाले पोलटिशियन को पते नहीं था सीरीमान ,
(देखिए हो कालू चचा कुछ कहे हैं गौर किया जाए)


सार्वजनिक नहीं हो सकती राष्ट्रपति की विदेश यात्रा की सूचनाएं ,
लेकिन अईसा का घनघोर घूम डालीं महामहिम , तनिक हमें भी बताएं
(कहां आएं , कहां जाएं , किस्सा सबको सुनाएं ...)


महंगाई और कंपनियों के परिणाम तय करेंगे बाज़ार की चाल ,
और इन सबके बीच खुल्लम खुल्ला कहो कौन पीटेंगे माल ???
(भीदाऊट आपसन टैलिए तो ..मतलब बताइए जी)


चकाचक सेवा शुरू , अब ग्राहक खुद ही अपना पासबुक करेंगे अपडेट ,
हा हा हा हा हा , अबे पगला हो क्या ,खाता भराएंगे कि अपना भरेंगे पेट
(कसम से , जले पे नमक छिडके हो बेट्टा !)


लो भाई शाम को डिकिलियर हो गया जो था सबसे बडका खबर आज ,
उधो माधो का बनके चले सारथि जरूर इसमें कोई राज़ ,सब ढूढ रहे महाराज


लगा दो अब आग पानी में तेज़ाब मिला कर ,जब हमाम में सारे ही नंगे हैं ,
अबे भक्क साला , अब न कहा करो बार बार ये,कि कानून के हाथ लंबे हैं ,
(हमें त टुंडे लगते हैं , कभी कभी तो खुद गुंडे लगते हैं :)



हैरान न हुआ करो जो देश का आजकल ये हाल दिखता है
दर्द हो नंगापन , अच्छी पैकिंग में हो तो हर माल बिकता है ,
(बेचने खरीदने वाले सौदागर कौन हैं बोलो तो भला)


वाशिंगटन :अब मोबाइल फ़ोन , टी-शर्ट से ही चार्ज़ हो जाएगा
बाह बाह का बात है बे , फ़िर तो लैपटॉपवा निक्कर के हिस्से आएगा ,
(देखिए कहीं जादे ही न चार्ज़ हो जाए कि धधरा मारने लगे)


दो उपमुख्यमंत्रियों की ताजपोशी के बाद ही थमा कर्नाटक विवाद,
यानि कि एक मुख्य दो उपमुख्य , कुल तीन मिलकर करेंगे सब बर्बाद
(केतना मजबूत लोकतंतर है भाई :)


यूपी के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मंजूर ,50 हज़ार करोड की मिली सौगात
तो ये था राज़ दादा की दावेदारी से हाथ मिलाने का , समझ में आई बात ,
(बहुत अच्छे , बच्चे अखिलेश , चरा दिए न देश ,चमकाओ उत्तर पिरदेश)


राष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हिप जारी करना अपराध है , बोलिस रे आयोग ,
अबे समझाओ जाकर उसको ,जो निरपराध है , ये तो मुजरिम लोग ,
(इन्हें राजनीति का रोग , देश का कुसंजोग ,रे देस का कुसंजोग)


आयोग ने खारिज की संगमा द्वारा उठाई गई थी जो आपत्ति ,
अबे हाय हाय ये ससुरा राष्ट्रपति इलेक्शन है या है नेशनल विपत्ति ,
(अबे मरो जल्दी फ़ूंके मोमबत्ती)


रम ब्यूरो की रिपोर्ट ,देश में सिर्फ़ 3.8 प्रतिशत लोग हैं बेरोज़गार ,
और जिनके पास है नौकरी वे भी , इक दूजे से मांग रहे उधार ..
(बस एक जिसके मजे खूब हैं यार , वो है ये ससुरी सरकार)


खबर ये है कि दो तिहाई लोग जाम से मिटाते हैं अपनी थकान ,
गज्जब जी गज्ज्ब , इसके बाद मिटा लेते हैं अपनी दुकान और मकान ,
(तमाम साकियों और पैमानों से माफ़ी सहित (:


राम गोलाप वर्मा : ओसामा था सन्नी लियोन का दीवाना ,
हे हे हे , त ई बतवा तो आपको महेश भट्टवा को था बताना ,
(उहे खुजली सिंह बना रहे हैं जिस्म टू ..साले कितनो जिस्म बना लें इनका खुजली नय मिटेगा)


संगमा : हमें मतदाता अंतरात्मा की आवाज़ पर वोट देंगे ,
कद्दू ! अंतरात्मा गई तेल लेने , उन्हीं को मिलेगा जो नोट देंगे
(आपको तो खाली चोट देंगे ..अरे कह रहे हैं न बूझते काहे नय हैं जी)


आखिरकार प्रधानजी ने लहरा दिया पूरे विश्व में अपना नाकामी का झंडा,
मिला था कभी सबसे काबिल का सम्मान ,युनिट टेस्ट में मिल गया अंडा ,
(जो चल जाए कानून का डंडा , तो परमानेंटली बंद हो जाए धंधा)


टाइम पत्रिका ने PM पर उठाए सवाल , कहा मनमोहन सिंह को फ़िसड्डी,
ल्यो, इत्ते टाइम बाद पता चला, अबे नहीं है उनमें बची रीढ की हड्डी ,
(काल मामता दीदी बोली थीं न कि , ई कि गोंडोगोल होच्चे रे बाबा)



विदेश मंत्री कृष्णा ने हिना को सुनाई खूब खरी खरी ,
कंफ़र्म कर लो बे , सावन के अंधे को दिखती है घास हरी हरी ,

खरी खरी सुनाओ कि उन्हें सुनाओ खोटी खोटी ,
कसाब जिंदाल साले बैठे जेल में रोज़ चबाएं बोटी ..





आठ सालों में 2जी समेत 15 लाख करोड रुपए के घोटाले हुए उजागर ,
अबे ये तो हाल है लूट खसोट , फ़िर देश को गरीब काहे कहते हो बिरादर,
(खाते रहो और गाते रहो ...हो रहा भारत निरमान , अरे हो रहा भारन निरमान)